बिहार की किशोरी को नौकरी का झांसा देकर दो युवकों ने ताजगंज की बसई बस्ती में बेच दिया। ताजगंज थाने की पुलिस ने छापा मारकर उसे बरामद कर लिया। कोठा मालकिन भाग गई।
बिहार के गया की 16 वर्षीय रूबी (बदला नाम) ने बताया कि पटना की एक प्राइवेट कंपनी ने नौकरी के लिए जनवरी में विज्ञापन निकाला था। वह छह जनवरी को पटना जाने के लिए निकली थी। गलत ट्रेन में बैठने के कारण वह रांची पहुंच गई। यहां से दोबारा ट्रेन में बैठी तो दिल्ली के स्टेशन पर उतरी। ट्रेन में दीपक नाम का व्यक्ति मिला। दीपक ने उससे दिल्ली में नौकरी लगवाने की बात कही। वह आठ दिन तक यहां रही। आठ दिन बाद वह नौकरी लगवाने की बात कहकर अपने साथी राजू के साथ उसे लेकर कार से आगरा आया। ताजगंज के बसई में एक घर में महिला के पास छोड़कर दोनों चले गए। बसई से महिला ने रूबी को नाहरगंज के घर में शिफ्ट कर दिया। महिला ने उससे वेश्यावृत्ति कराई। इनकार करने पर दो-दो दिन तक खाना नहीं दिया। यातनाएं दी गईं। पखवाड़े भर पहले आए एक ग्राहक को उसने पूरी बात बताई। घरवालों का मोबाइल नंबर दिया। ग्राहक ने उसके घरवालों को जानकारी दी। उसकी मां समेत चार लोग सोमवार को आगरा के थाना ताजगंज आए और जानकारी दी। पुलिस ने मंगलवार को नाहरगंज में संतो के घर छापेमारी कर उसे बरामद कर लिया। इंस्पेक्टर का कहना है कि मेडिकल और कोर्ट में बयान कराए जाएंगे।
कैद हैं चार और लड़कियां
रूबी ने बताया कि घर में चार और लड़कियां बंद हैं। छापा पड़ते ही उन्हें दूसरे रास्ते से निकाल दिया गया। घर में अकसर ही लड़कियों को लाकर रखा जाता है। इंस्पेक्टर का कहना है कि केवल एक ही लड़की बरामद की गई है।