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ताजमहल के शहर में प्रदूषण फैला रहे प्रतिबंधित वाहन, पंजीकरण निरस्त के बाद भी सड़कों पर रहे दौड़

Sun, 16 Feb 2020 01:48 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

टीटीजेड में 15 साल पुराने वाहनों के संचालन पर रोक के बाद परिवहन विभाग ने 1989 तक की दस हजार दोपहिया, चार पहिया और
तिपहिया गाड़ियों के पंजीयन नवंबर 2018 में निरस्त कर दिए थे।
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डीजल चालित लोडिंग टेंपो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ताज ट्रिपेजियम जोन की तमाम बंदिशों के बाद भी शहर में 10 हजार गाड़ियां प्रदूषण फैला रहीं हैं। इनका पंजीकरण 2018 में निरस्त हो चुका है। इनमें दोपहिया और चार पहिया गाड़ियां शामिल हैं। आठ हजार डीजल चालित लोडिंग टेंपो आरओ प्लांट और मंडियों से माल ढोकर सुबह से शाम तक शहर की हवा को जहरीला बना रहे हैं, लेकिन आरटीओ के प्रवर्तन दलों ने अभी तक इनकी धरपकड़ का कोई अभियान नहीं चलाया है।
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टीटीजेड में 15 साल पुराने वाहनों के संचालन पर रोक के बाद परिवहन विभाग ने 1989 तक की दस हजार दोपहिया, चार पहिया और तिपहिया गाड़ियों के पंजीयन नवंबर 2018 में निरस्त कर दिए थे। इनका पंजीकरण निरस्त होने के बाद भी यह गाड़ियां सड़कों पर दौड़ रहीं हैं।

इनमें दो हजार से ज्यादा स्कूटर जुगाड़ के रूप में चल रहे हैं। इसी तरह डीजल चालित लोडिंग टेंपो का संचालन ताजनगरी में नवंबर 2018 से प्रतिबंधित है, लेकिन यह लोडिंग टेंपो शहर में सिकंदरा मंडी, ताजगंज की मंडी, मंडी समिति तक माल ढोने में लगे हुए हैं। इसी के साथ यह टेंपो आरओ प्लांटों से पानी की सप्लाई कर रहे हैं।
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हादसा होने पर नहीं मिलेगा क्लेम
संभागीय परिवहन विभाग में पंजीकृत रह चुकीं इन गाड़ियों के पंजीयन निरस्त होने के बाद इनकी फिटनेस नहीं करवाई जा सकती है। ऐसे में इस तरह की गाड़ी से किसी का एक्सीडेंट होता है और घायल या मृत्यु हो जाती है तो किसी तरह का क्लेम नहीं मिल पाएगा। इसके बाद भी लोग रिस्क लेकर इन गाड़ियों को दौड़ा रहे हैं। 

10 मार्च को 50 हजार गाड़ियां होंगी कबाड़, नहीं आए आवेदन
10 मार्च को 2004 तक की 50 हजार गाड़ियां कबाड़ हो जाएंगी। संभागीय परिवहन विभाग इन गाड़ियों की सीरीज के साथ पंजीयन निरस्त करने के लिए आखिरी तारीख जारी कर चुका है। एआरटीओ (प्रशासन) अनिल कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक इक्का-दुक्का वाहन स्वामी ही दूसरे जिलों के लिए एनओसी लेकर गए हैं। वाहन स्वामी अभी तक जागरूक नहीं हुए हैं, जबकि कुछ ही दिन शेष बचे हैं। इसके बाद यह गाड़ियां कबाड़ मानी जाएंगी। पंजीकरण निरस्त कराने के लिए भी कोई नहीं पहुंचा है।
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बीएस-6 की कर रहे बात, 30 साल पुरानी गाड़ियों पर रोक नहीं पा रहे 
दिल्ली में बीएस-6 गाड़ियों के संचालन को हरी झंडी दिखाई गई है। बीएस 4 बंद की जा रही हैं, लेकिन ताजनगरी में तो 30 और 15 साल पुरानी गाड़ियों का संचालन ही विभाग बंद नहीं करवा पा रहे हैं। यहां वाहनों से होने पर प्रदूषण को घटाना दूर की कौड़ी लग रही है।

जिम्मेदार बोले, मार्च में शुरू होगा अभियान
सवाल: टीटीजेड में प्रदूषण रोकने के लिए प्रतिबंधित की गईं गाड़ियां भी सड़कों पर दौड़ रही हैं। प्रभावी रोकथाम क्यों नहीं हो पा रही है?
जवाब: लोडिंग टेंपो समेत पंजीयन निरस्त वाली गाड़ियां लोग अपने रिस्क पर दौड़ा रहे हैं। ऐसी गाड़ियों को पकड़े जाने पर दोबारा छोड़ा नहीं जाएगा।
सवाल: आखिर इनके संचालन को प्रभावी तरीके से रोकने को क्या कदम उठाए हैं।
जवाब: मार्च के बाद ऐसी गाड़ियों की चेकिंग के लिए विशेष अभियान चलाएंगे और इन्हें पकड़कर नष्ट करवाएंगे। (अनिल कुमार, आरटीओ प्रवर्तन)
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