ताज : 50 साल में 20 पैसे से 1250 तक पहुंचा टिकट
- फोटो : अमर उजाला
नोटबंदी ने ताजमहल पर सैलानियों के ट्रेंड को पूरी तरह से बदलकर रख दिया। तीन साल से ताजमहल पर विदेशी सैलानियाें की संख्या में लगातार कमी आ रही थी, लेकिन 2016 में यह संख्या बढ़ गई, वहीं भारतीय सैलानियों की संख्या चार साल के बाद पहली बार घट गई। साल 2016 में बीते साल के मुकाबले 3 लाख भारतीय पर्यटक कम पहुंचे, वहीं विदेशी सैलानियों की संख्या में करीब 22 हजार का इजाफा हुआ।
नोटबंदी ने टूरिस्ट सीजन शुरू होते ही नवंबर और दिसंबर में ताजमहल पर सैलानियों की संख्या आधी क र दी। इन दोनों महीनों में ताजमहल पर बीते साल से ढाई लाख पर्यटकों की कमी दर्ज की गई। यह पहला मौका है, जब ताजमहल पर भारतीय पर्यटकों की संख्या घटी है, जबकि विदेशी सैलानी बढ़े हैं। कैश की किल्लत के कारण दिसंबर की छुट्टियों में अपेक्षित पर्यटक ताजमहल नहीं पहुंचे। हालांकि पर्यटन उद्योग के लिए यह राहत भरी खबर है कि विदेशी सैलानियों की संख्या में तीन साल से आ रही गिरावट न केवल थमी है, बल्कि इनकी संख्या 22 हजार बढ़ी है।
साल के आखिरी दिन ताजमहल पर 30,817 भारतीय पर्यटक और 3621 विदेशी पर्यटक पहुंचे। बच्चों के फ्री होने के कारण ताज पर शनिवार को करीब 70 हजार सैलानियों की भीड़ रही। शाम को ताज बंद हो जाने के बाद भी पर्यटकों की कतार प्रवेश द्वार पर लगी रही, जिन्हें मायूस होकर जाना पड़ा।
दिसंबर में 1.25 लाख सैलानी कम
आगरा। नवंबर के बाद दिसंबर में भी भारतीय सैलानियों की संख्या में कमी आई। नवंबर में जहां 4.51 लाख पर्यटक ताजमहल पर आए थे, वहीं दिसंबर में 4.34 लाख भारतीय सैलानी ही पहुंचे। बीते साल नवंबर में यह संख्या 5.89 लाख और दिसंबर में 5.58 लाख थी। अकेले दिसंबर में ही सवा लाख सैलानी कम आए। अक्तूबर से शुरू हुए टूरिस्ट सीजन में भी सैलानी कम आए, लेकिन नवंबर में नोटबंदी के बाद तो सैलानियों का आंकड़ा तेजी से गिरना शुरू हुआ। दिसंबर में क्रिसमस से नए साल तक की अवधि में सैलानी आधे रह गए। हालांकि विदेशी सैलानियों की तादात इस अवधि में बढ़ी है।
साल भारतीय विदेशी पर्यटक
2011 46,04,603 6,79,038
2012 52,34,200 7,90,616
2013 50,94,432 7,40,910
2014 53,77,891 6,94,610
2015 58,42,287 6,39,338
2016 55,40,445 6,61,148