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आगरा: ताज महोत्सव न होने से शिल्पी मायूस, ताजनगरी के लोगों में भी निराशा

Mon, 11 Jan 2021 12:06 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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ताज महोत्सव (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में 18 से 27 फरवरी तक शिल्पग्राम में हर साल आयोजित होते रहे ताज महोत्सव को कोरोना संक्रमण के कारण रद्द करने के प्रशासन के फैसले से शिल्पियों के साथ आम लोगों को निराशा हुई है। दस दिनी ताज महोत्सव में हर साल 300 से ज्यादा शिल्पी अपने हुनर का प्रदर्शन करते थे। देशभर के राज्यों से राष्ट्रीय और राज्य पुरस्कार प्राप्त शिल्पकार महोत्सव में भाग लेते हैं। 

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इस बार महोत्सव के रद्द होने के कारण न केवल शिल्पकार, बल्कि मुक्ताकाशीय मंच पर अपनी प्रस्तुतियां देने वाले कलाकार भी मायूस हैं। उनका मानना है कि जिस तरह से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अन्य कार्यक्रम, बाजार, मॉल आदि खोले गए हैं, वैसे ही ताज महोत्सव का आयोजन भी किया जाना चाहिए थे। 

कोरोना के कारण चंदा लेने में आती मुश्किल
आराधना संस्था के अध्यक्ष पवन आगरी ने कहा कि ताज महोत्सव होता तो सांस्कृतिक गतिविधियों को बड़ा मंच मिलता, लेकिन कोरोना के कारण जिस तरह की अर्थव्यवस्था है, उसमें चंदा लेने में दिक्कतें आतीं। महोत्सव भारी भरकम बजट का कार्यक्रम है। इस बार प्रशासनिक मशीनरी भी वैक्सीनेशन में जुटेगी, इसलिए शायद रद्द किया गया। 

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संगीत और कला के लिए यह बड़ा मंच
ब्रज विहार के अमृत मखीजा ने कहा कि ताज महोत्सव कोरोना वायरस की बलि चढ़ गया है। शिल्पी और व्यापारियों का तो दिल ही टूट गया। संगीत और कला के लिए यह बड़ा मंच है। 

महोत्सव नहीं हो रहा तो सभी निराश
कमला नगर निवासी संजीव बंसल ने कहा कि कलाकारों को अपनी कला और शिल्पकारों को अपनी शिल्प दिखाने का मौका मिलता था। उम्दा चीजें बेचने और खरीदने का यह एक बड़ा बाजार भी है। महोत्सव नहीं हो रहा तो सभी निराश हैं। 

पर्यटन उद्योग ने कहा- रद्द करना ठीक कदम
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान ने कहा कि मौजूदा माहौल को देखते हुए ताज महोत्सव आयोजित होना ही नहीं चाहिए था। महोत्सव का पर्यटन से कोई संबंध नहीं रहा। बीते 20 साल से महोत्सव स्थानीय लोगों के लिए मेला बनकर रह गया। पर्यटन उसकी वजह से नहीं आते। 
 
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आगरा एप्रूव्ड गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष शमशुद्दीन ने कहा कि ताज महोत्सव को रद्द करने से पर्यटन को कोई नुकसान नहीं। पहले भी महोत्सव पर्यटकों के लिए नहीं था। यह अधिकारियों का मेला था और स्थानीय लोगों के लिए मनोरंजन का जरिया था। कोरोना को देखते हुए रद्द करना ठीक है।  

आगरा टूरिस्ट डेवलपमेंट फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप अरोड़ा ने कहा कि शिल्पग्राम में जब ताज महोत्सव शुरू हुआ, तब बड़ा क्षेत्र और ताज के लिए पर्यटकों को लुभाता था, पर 20 साल से ये अफसरों के मनोरंजन की नुमाइश बन गया। पर्यटन को इससे न पहले फायदा हो रहा था, न अब। कार्यक्रम रद्द करना ठीक कदम है।
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