आगरा में 46.5 डिग्री तापमान की भीषण गर्मी के कारण ताजमहल दहक उठा और दोपहर में पर्यटकों की संख्या आधी रह गई। लू से बचाव के लिए एएसआई और नगर निगम की ओर से ओआरएस वितरण और जागरूकता अभियान चलाया गया।
46.5 डिग्री तापमान के कारण मंगलवार की दोपहर ताजमहल अंगारों जैसा दहक उठा। संगमरमर इस कदर तपा कि दीवारों को छूना मुश्किल हो गया। रॉयल गेट से मकबरे तक गए सैलानी 350 मीटर की दूरी में ही पस्त हो गए। यमुना किनारे की ओर और रॉयल गेट की ओर छायादार सीटों पर पर्यटक बेसुध होकर आराम करते नजर आए। मंगलवार को गर्मी के कारण महज 13,082 सैलानी ही आए, जो आम दिनों की अपेक्षा आधी संख्या है।
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ताजमहल पर सुबह 10 बजे के बाद ही तेज धूप के कारण लाल बलुआ पत्थर और संगमरमर दहकने लगा। 12 बजते-बजते ताज पर सन्नाटा छा गया, जो शाम 5 बजे तक बना रहा। सुबह 7 से 10 और शाम को 5 से 7 बजे के बीच ही ताज पर पर्यटक नजर आए। दोपहर में सैलानियों को एएसआई कर्मचारियों ने ठंडा पानी और ओआरएस पाउडर दिया। पूर्वी और पश्चिमी गेट टिकट काउंटर दोपहर में 12 से शाम 5 बजे के बीच पूरी तरह से खाली नजर आए। यहां सामान्य दिनों में मारामारी रहती है।
एएसआई की अधीक्षण पुरातत्वविद स्मिथा कुमार ने बताया कि गर्मी से बचने के लिए ताज के दोनों गेटों पर बोर्ड लगाकर पर्यटकों को जागरूक किया जा रहा है। क्यूआरटी बनाई हैं, जो पर्यटकों की तबीयत खराब होने पर उनकी मदद कर रही हैं। पर्यटकों से छायादार वॉकवे से मकबरे तक जाने को कहा जा रहा है, जिससे लू के शिकार न हों।
लू से बचाव के लिए बनाए ओआरएस कॉर्नर
नगर निगम ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से शहर में कई जगह ओआरएस कॉर्नर लगाए हैं, जहां लोगों को निशुल्क ओआरएस उपलब्ध कराया जा रहा है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा ने बताया कि गर्मी और तेज पसीना आने से शरीर में पानी के साथ-साथ इलेक्ट्रोलाइट की भी कमी हो जाती है, जिससे लोगों की तबीयत बिगड़ सकती है। सफाई मित्रों को भी नियमित रूप से ओआरएस का वितरण किया जा रहा है ताकि वे भीषण गर्मी में सुरक्षित रह सकें। अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने मच्छरों का प्रजनन रोकने के लिए एंटी लार्वा के छिड़काव की बात कही। मंगलवार को संचारी रोग नियंत्रण की बैठक में सफाई रखने और जलभराव रोकने के साथ लू से बचाव के उपायों पर चर्चा की गई।
रिकॉर्ड तोड़ने के करीब पहुंचा तापमान
मई में सबसे गर्म दिन के रूप में 27 मई 1998 का दिन दर्ज है, जब तापमान 48.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। इसके बाद 31 मई 1994 को अधिकतम तापमान 48.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दो साल पहले भी 20 मई 2024 को तापमान 47.7 डिग्री तक पहुंच चुका है। दो साल पहले करीब एक सप्ताह तक मई में आगरा में तापमान 46 से 47 डिग्री के बीच बना रहा था। इस बार भी इस सप्ताह तापमान 47 डिग्री के पार पहुंच जाने के आसार हैं।