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ताजमहल में अवैध एंट्री का जरिया बना ये गेट होगा बंद, डीजी ने की जांच

Tue, 17 Oct 2017 01:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
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ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
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ताजमहल दक्षिणी गेट पर दीवार से सटे मकान ताज के लिए खतरा हैं तो वहीं इस गेट का विवादों से भी पुराना नाता रहा है। कभी बांग्लादेशी पर्यटकों को ताज में घुसाने तो कभी शुक्रवार की नमाज में विदेशियों को नमाजी बताकर प्रवेश दिलाने के मामलों के बाद दक्षिणी गेट को बंद करने की कवायद तेज हो रही है। 
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पुरातत्व महानिदेशक ने सीआईएसएफ के इस प्रस्ताव पर सोमवार को ताज का दौरा किया और स्थानीय अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने हेरिटेज कारीडोर और ताज पूर्वी गेट पर टिकट बिक्री नवंबर से शुरू करने के निर्देश दिए। 

पुरातत्व महानिदेशक ऊषा शर्मा ने सोमवार को ताजमहल, एत्माद्दौला और हेरिटेज कारीडोर का दौरा किया। एत्माद्दौला में उन्होंने वर्ल्ड मान्यूमेंट फंड द्वारा कराए गए कामों और स्मारक से की गई छेड़छाड़ देखी तो कारीडोर पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत बागीचा बनाने की योजना पर पुरातत्व अधिकारियों से चर्चा की।
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सुरक्षा को बताया खतरा

ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
कारीडोर पर योजना बनाकर नवंबर से काम शुरू कराने के भी निर्देश दिए। ताजमहल पूर्वी गेट पर रेवती के बाड़े में प्रस्तावित फैसिलिटी सेंटर की योजना को देखा और डक्ट के जरिए पर्यटकों के ताज में प्रवेश, सुरक्षा जांच आदि का भौतिक निरीक्षण किया। 

उन्होंने सीआईएसएफ के दक्षिणी गेट को सुरक्षा कारणों से बंद करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की। सीआईएसएफ दक्षिणी गेट को सुरक्षा के लिए खतरा बताकर इसे बंद करने का प्रस्ताव भेज चुका है, जिस पर कई बार बैठकें हो चुकी हैं। डीजी एएसआई ने व्यावहारिक दिक्कतों के साथ सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर भी चर्चा की। 
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मडपैक से पहले मुख्य गुंबद की मजबूती की जांच

ताजमहल पर चल रहे मडपैक को मुख्य गुंबद पर भी कराए जाने की योजना है। उससे पहले उसकी मजबूती की जांच के लिए रसायन शाखा ने पत्र लिखा था। महानिदेशक ने इस पर आईआईटी रुड़की या सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट से अध्ययन कराने के निर्देश दिए हैं। 

इस अध्ययन के जरिए मुख्य गुंबद की भार वहन क्षमता जांची जाएगी। महानिदेशक के दौरे के दौरान अधीक्षण पुरातत्वविद डा. भुवन विक्रम, सहायक पुरातत्वविद सुश्री विक्रम, अर्खित प्रधान आदि मौजूद रहे।
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