शरद पूर्णिमा की रात चांदनी में नहाए ताजमहल का दीदार करने 400 सैलानी पहुंचे और संगमरमर पर दिखी अद्भुत चमकी देखकर प्रसन्न होकर लौटे। रात 8 बजे से 12 बजे तक आधे-आधे घंटे के स्लॉट में पर्यटकों को प्रवेश दिया गया, जबकि सोमवार और मंगलवार के सभी टिकट बुक हो चुके हैं।
शरद पूर्णिमा पर ताजमहल के दीदार के लिए रविवार रात आए सैलानी चमकी देखकर प्रसन्न मुद्रा में बाहर निकले। नाइटव्यू में 400 सैलानियों ने रात 12 बजे तक चांदनी में नहाए ताज का दीदार किया।
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रात आठ बजे से शुरू हुए ताज के रात्रि दर्शन के लिए पर्यटकों का शाम 7:30 बजे शिल्पग्राम पहुंचना शुरू हो गया था। वहां से बैटरी कार से उन्हें ताजमहल लाया गया। हर माह पूर्णिमा पर ताजमहल पांच दिन (पूर्णिमा, उससे दो दिन पहले और दो दिन बाद) रात में खुलता है। शरद पूर्णिमा पर ताज के दीदार के लिए लोगों में अधिक उत्साह रहता है।
इस बार पहले दिन शुक्रवार होने से रात्रि दर्शन नहीं हो सका। शनिवार से शुरू हुआ रात्रि दर्शन मंगलवार तक चलेगा। सोमवार और मंगलवार के भी सभी टिकट बुक हैं। एक दिन में रात आठ से 12 बजे तक आधा-आधा घंटे के स्लाॅट में 50-50 पर्यटकों को प्रवेश दिया जाता है।