मुगल बादशाह शाहजहां का तीन दिवसीय उर्स इस वर्ष 15 से 17 जनवरी 2026 तक सौहार्द और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। उर्स के अवसर पर ताजमहल में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और स्थानीय जायरीन में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
खुददामे रोजा ताजमहल उर्स कमेटी के अध्यक्ष हाजी ताहिरउद्दीन ताहिर ने बताया कि शाहजहां का जश्ने उर्स मुबारक 15 जनवरी से शुरू होकर 17 जनवरी तक चलेगा, जिसमें उर्स मुबारक के पहले दिन दोपहर 2:00 बजे से सभी पर्यटकों के लिए ताजमहल निशुल्क रहेगा। वहीं शाहजहां के मजार के दरवाजे पर आजान पढ़ने के बाद दरवाजा खोला जाएगा। गुस्ल की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद शाम 5:00 बजे तक दरगाह खुली रहेगी।
विज्ञापन
वहीं मिलाद शरीफ भी किया जाएगा। 16 जनवरी 2026 दोपहर 2:00 बजे से सभी पर्यटकों के लिए ताजमहल निशुल्क रहेगा। दरगाह पर संदल शरीफ गुलपोशी फातिहा पढ़ी जाएगी। इसके बाद कव्वालों द्वारा कव्वाली भी पेश की जाएगी। मुशायरा का आयोजन भी किया जाएगा। उर्स मुबारक के आखिरी दिन यानी 17 जनवरी 2026 को कुरान खानी पूरे दिन चादर पोषी का सिलसिला चलेगा।
हिंदुस्तान की सबसे लंबी हिंदुस्तानी सतरंगी चादर का जुलूस हनुमान मंदिर सिद्दी गेट से होता हुआ ताजमहल के अंदर प्रवेश करेगा। हिंदुस्तान सतरंगी कपड़े की चादर इस बार 1620 मीटर की बनाई गई है। इस चादर के साथ लगभग 15 से 20 वीआईपी भी मौजूद रहेंगे। इन सभी लोगों के साथ कमेटी के वाइस प्रेसिडेंट रिजवानुद्दीन जुगनू साथ रहेंगे।
विज्ञापन
वॉलिंटियरों की भी ड्यूटी इस बार लगाई गई है। शाहजहां के तीन दिवसीय उर्स मुबारक में आने वाले सभी पर्यटकों से अपील की गई है कि कोई भी ताजमहल परिसर में प्रतिबंध चीज ना लाएं, जिससे कि सुरक्षा कर्मियों को कोई दिक्कत आए। धूम्रपान, लाठी-डंडा ताजमहल परिसर में प्रतिबंधित हैं। 17 जनवरी 2026 को ताजमहल पूरे दिन निशुल्क रहेगा।