नेपाल के साथ पूरे उत्तर भारत को हिला देने वाले भूकंप के झटकों ने आगरा में कोई जनहानि तो नहीं की, लेकिन ऐतिहासिक स्मारक ताजमहल के मुख्य प्रवेश द्वार को नुकसान पहुंचाया है। ब्लैक स्टोन और रेड सैंड स्टोन के कुछ टुकड़े निकल कर गिर गए। दोपहर में धूप के चलते उस वक्त पर्यटक कम थे, अन्यथा सैलानियों को चोट लग सकती थी।
नेपाल में आए रिएक्टर पैमाने पर 7.9 तीव्रता के भूकंप ने ताजमहल तक असर डाला। फोरकोर्ट के बाद ताजमहल का मुख्य प्रवेश द्वार लाल पत्थर से बना है। इस पर सफेद संगमरमर और ग्रेनाइट से डिजायन बना है। प्रवेश द्वार पर एक कोने में ऊपर लगे ब्लैक स्टोन और संगमरमर के डिजायन गिर गए। ताजमहल के संगमरमर से बने मुख्य भवन को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। जिस समय भूकंप आया, उस समय मुख्य भवन पर मड पैक लगाने के लिए कर्मचारी ऊंची शटरिंग पर मौजूद थे, झटकों के कारण वह तुरंत नीचे उतर आए। ताजमहल के मुख्य गुंबद पर आस्ट्रिया की मैरी और इंग्लैंड के पीटर स्मिथ को हल्के झटके महसूस हुए।
1905 में आया था भूकंप
आगरा। ताजमहल पर 1905 में आए भूकंप से भी कोई असर नहीं पड़ा था। ब्रिटिश सरकार की रिपोर्ट में तत्कालीन डीएम ने शहर में भूकंप से हुए नुकसान का ब्योरा भेजा था। इसमें ताजमहल को नुकसान न होने की बात कही गई थी।