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हाईकोर्ट ने स्थगित किए बर्खास्तगी आदेश

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कासगंज। जिले में फर्जी डिग्री के मामले में बर्खास्त किए गए सभी शिक्षकों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल बर्खास्तगी पर स्टे लगा दिया है। शिक्षकों को उच्च न्यायालय से राहत मिलने के बाद बर्खास्त शिक्षकों में खुशी की लहर है। शिक्षकों को अब ज्वाइनिंग का इंतजार है।
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एसआईटी की जांच की संस्तुति पर बीएसए अंजली अग्रवाल ने फर्जी डिग्री के मामले में जिले के 90 शिक्षकों को बर्खास्त किया था। बर्खास्तगी के बाद शिक्षकों ने उच्च न्यायालय की शरण ली। शिक्षकों ने उच्च न्यायालय में अधिवक्ता रोहित उपाध्याय एवं अन्य अधिवक्ताओं से सलाह ली और याचिका दाखिल की। अधिवक्ताओं ने अलग-अलग शिक्षकों का ग्रुप बनाकर अलग-अलग नंबरों से रिट दायर की। सभी याचिकाओं पर उच्च न्यायालय के न्याय कक्ष संख्या 39 में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने मामले को गंभीरता से लिया और शिक्षकों की ओर से अधिवक्ता द्वारा दिए तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण किया। पूर्व में अलीगढ़ में शिक्षकों के स्थगित किए गए आदेश की याचिका संख्या 13785 से सभी शिक्षकों की याचिकाओं को जोड़ दिया। न्यायालय ने सभी याचिकाओं पर सुनवाई पूर्ण कर ली है और बीएसए द्वारा जारी किए गए बर्खास्तगी आदेश पर स्टे कर दिया है। उच्च न्यायालय में शिक्षकों की पैरवी कर रहे अधिवक्ता रोहित उपाध्याय ने बताया कि सभी शिक्षकों को उच्च न्यायालय से राहत मिल गई है। अग्रिम सुनवाई तक बीएसए के बर्खास्तगी आदेश को स्थगित कर दिया है।
- 92 शिक्षक आए हैं जांच के दायरे में।
- 90 शिक्षकों को बीएसए ने किया है बर्खास्त।
- 2 शिक्षकों पर अभी भी लटकी है तलवार।
- अभी तक कोई आदेश अधिकृत रूप से नहीं मिला है। उच्च न्यायालय का जो भी आदेश होगा, उसका पालन कराया जाएगा। आदेश मिलने के बाद विधिक राय ली जाएगी। विधिक राय के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। अंजली अग्रवाल, बीएसए।
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