आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में घटिया क्षेत्र के दो जुड़वां बच्चों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। हालांकि इलाज के बाद बच्चों की हालत में सुधार बताया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीज के परिजनों को भी दवा दी है। उनके नमूने भी जांच के लिए गए हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज की बाल रोग विभाग की ओपीडी में मंगलवार को घटिया रहने वाले अभिभावक अपने एक-एक साल के दो बच्चों को लेकर दिखाने आया। ये जुड़वा हैं, इसमें एक बेटा और बेटी है। बच्चों में स्वाइन फ्लू की संभावना पर डाक्टरों ने टैमीफ्लू दवा देकर ब्लड का नमूना जांच के लिए लैब भेज दिया। अभिभावकों को भी सावधानी बरतने के बारे में जानकारी दी।
बुधवार को बच्चों की जांच रिपोर्ट में इसमें इन्फ्लुएंजा ए एच1एन1 की पुष्टि हुई। ये रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेज दी। ये देख स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम बच्चों के घर पर गई और परिजनों को भी टैमीफ्लू देकर सावधान के बारे में बताया।
सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स ने बताया कि घबराने की बात नहीं है। इलाज के बाद बच्चों की हालत में सुधार है। परिजनों को भी दवा दी गई है। बच्चों को होम आइसोलेशन में रखकर परिजनों को मास्क लगाने को कहा है।
एसएन कॉलेज में बनाई गई दो टीमें
स्वाइन फ्लू के मरीज मिलने के बाद एसएन मेडिकल कॉलेज में भी चिकित्सकीय टीम बनाई गई है। इसमें मेडिसिन विभाग के अलावा बाल रोग विभाग है। दोनों ही जगह आइसोलेशन वार्ड भी बनाए गए हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले से ही रैपिड रेस्पोंस टीम बनाई जा चुकी है। इसमें जिला एपीडेमियोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका चौहान और एसीएमओ डॉ. अंशुल पारीक हैं।
डरें नहीं, सावधान रहें
- स्वाइन फ्लू से डरने की जरूरत नहीं है। इसके लक्षणों को समझने और सावधान रहने की जरूरत है।
- नाक, गले, फेफड़े प्रभावित होते हैं, सांस लेने में तकलीफ
- जुकाम-खांसी, नाक से पानी आना, बार-बार छींकना
- गले-सिर, पेट में दर्द, उल्टी, थकान महसूस करना
- बुखार, मांसपेशियों में अकड़न महसूस करना।
इनका रखें ख्याल:
- भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
- छींकते वक्त मुंह पर रुमाल जरूर लगाएं।
- हाथों को साबुन से धोएं, हाथ मिलाने से बचें।
- संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचें, मास्क लगाएं।