उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने मुन्ना बजरंगी की हत्या में जेल प्रशासन की मिलीभगत होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि इनकी बिना मिलीभगत के जेल परिसर में इतनी बड़ी वारदात संभव नहीं।
आगरा के सर्किट हाउस में मंगलवार को मीडिया से रूबरू होते हुए मौर्य ने कहा कि जांच हो रही है, जो भी दोषी मिलेगा उस पर कार्रवाई तय है। इस बाबत स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी स्पष्ट कर चुके हैं।
प्रदेश में जंगलराज वाले अखिलेश यादव के बयान पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश अपने गिरेबां में झांककर बोलें। उनकी सरकार में गुंडे, बदमाश और बलात्कारी संरक्षण पाते थे। कानून और पुलिस का खौफ तक नहीं था।
'विकास के मुद्दे पर लड़ेंगे चुनाव'
प्रेसवार्ता में श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य
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वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि हमारी सरकार ने नोटबंदी कर भ्रष्टाचारियों की कमर तोड़ दी। आर्थिक व्यवस्था मजबूत करने के लिए जीएसटी लाए।
सड़क, पुल, किसानों के ऋण माफ, गरीबों के लिए तमाम जनहित योजनाएं चलाईं। आगामी चुनाव में विकास ही मुख्य मुद्दा होगा। महागठबंधन की संभावना पर बोले, भाजपा के सामने कोई नहीं टिकेगा।
पिछले चुनाव के मुकाबले पार्टी को इस बार प्रचंड बहुमत मिलेगा। श्रमिकों के हितों के योजना के बारे में बताया कि पिछली सरकार में प्रदेश में 35 लाख श्रमिक पंजीकृत थे, जो बढ़कर हमारी सरकार में 45 लाख से पार पहुंच गए हैं।
शादी, पढ़ाई, जन्म-मृत्यु समेत तमाम हितकारी योजनाएं शुरू की हैं। श्रमिकों के लिए जल्द ही टोल फ्री नंबर भी जारी करने की योजना है। चौराहों और तहसील में योजनाओं के होर्डिंग भी लगाए जाएंगे।
श्रमिकों के पंजीकरण के लिए अब चौराहों तक अधिकारी जा रहे हैं। किसी से उगाही की शिकायत पर विभागीय कर्मचारी-अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज कराई जाएगी।