लोकसभा चुनाव में भाजपा को घेरने के लिए समाजवादी पार्टी ने काफी पहले से तैयारी शुरू कर दी है। एक ओर जहां गठबंधन की डोर को मजबूत किया जा रहा है वहीं, मुद्दों और रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सोशल मीडिया के माध्यम से भाजपा की घेराबंदी के लिए आईटी सेल को मजबूत किया जा रहा है। विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले कार्यकर्ताओं को तैयार किया जा रहा है।
आगरा में सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामजी लाल सुमन ने बताया कि बसपा के साथ होने वाले गठबंधन में क्या तय होता है, उसके बाद ही प्रत्याशी को लेकर कोई चर्चा होगी। फिलहाल संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
कार्यकर्ताओं को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी
इसके लिए सक्रिय कार्यकर्ताओं की फौज को तैयार किया जा रहा है। निष्क्रिय सदस्यों को दायित्वों से दूर करने के साथ ही बूथ पर मजबूत टीम टीम खड़ी करने की कवायद है, जो पार्टी समर्थित हर मतदाता मतदान स्थल तक पहुंचाने में सक्षम हो।
बूथ स्तर पर सक्रिय सदस्यों के मोबाइल नंबर प्रदेश नेतृत्व के पास भी होगा। ताकि उनसे सीधा संपर्क साधा जा सके। इसके अलावा मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान मतदाता बढ़ाने के लिए पार्टी के जिम्मेदार कार्यकर्ताओं को भी अपने-अपने क्षेत्रों में लगाया गया है।
बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में जिले की दोनों लोकसभा सीटों पर सपा प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहे थे। वो भाजपा प्रत्याशियों को टक्कर देने की स्थिति में नहीं दिखे।
गठबंधन के फार्मूल पर नजरें
हालांकि, इस बार गठबंधन की स्थिति को देखते हुए प्रत्याशी पद के दावेदार इस बार ज्यादा मशक्कत करते नहीं दिख रहे। उनकी नजर बसपा के साथ होने वाले गठबंधन के फार्मूले पर टिकी है।
आगरा लोकसभा सीट पर सपा की ओर से महाराज सिंह धनगर ने चुनाव लड़ा। वो तीसरे नंबर पर रहे थे। पहले पर भाजपा और दूसरे पर बसपा रही थी। उन्हें 134708 वोट (12.58 प्रतिशत) मिले थे।
वर्तमान में भाजपा से बाह विधानसभा क्षेत्र की विधायक रानी पक्षालिका सिंह ने पिछला लोकसभा चुनाव फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट पर सपा की टिकट से लड़ा था। वो भी तीसरे नंबर पर रही थीं। उन्हें 213397 वोट (22.04 प्रतिशत) मिले थे।