आगरा दीवानी न्यायालय में निलंबित फायरमैन काकरोच के वेश में अनोखा विरोध करने पहुंचा, लेकिन एसएसएफ जवानों ने उसे गेट पर रोक दिया। युवक का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई और आरोपपत्र के बावजूद उसे न्याय नहीं मिल रहा, जिसके विरोध में उसने यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया।
दीवानी न्यायालय के गेट नंबर चार पर सोमवार को अग्निशमन विभाग की वर्दी पहने एक युवक काकरोच बनकर पहुंचा। गेट के बाहर प्रदर्शन के बाद उसने घुटनों पर चलते हुए परिसर में प्रवेश किया। वहां तैनात एसएसएफ के जवानों ने उसे रोक दिया। युवक अपने ऊपर दर्ज मामले में पुलिस के खिलाफ आक्रोश जताने पहुंचा था।
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युवक जितेंद्र राठौर ने बताया कि वह निलंबित फायरमैन है। उस पर जुलाई 2024 में थाना न्यू आगरा में एक युवती की शिकायत पर शोषण के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। घटना के समय वह दूसरे जिले में ड्यूटी पर थे।
जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) में पुलिस ने माना कि वह अपराधी नहीं है। इसके बाद भी आरोपपत्र न्यायालय में भेज दिए गए। इससे वह निलंबित है। न्याय के लिए वह काकरोच के वेश में पहुंचा। वह काकरोच जनता पार्टी का समर्थक है और शिकोहाबाद में काकरोच कोचिंग सेंटर भी चलाता है। हालांकि एसएसएफ के जवानों ने जितेंद्र को काकरोच के वेश में प्रवेश नहीं करने दिया।