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Health News: सावधान! बच्चों को चुपचाप जकड़ रही ये गंभीर बीमारियां, दूषित जूस और फास्टफूड बन रहा वजह

Tue, 09 Jun 2026 07:46 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

खुले और गंदगी में बिक रहे जूस, चाट-पकौड़ी व फास्टफूड के सेवन से बच्चों में पीलिया, डायरिया और फूड पॉइजनिंग के मामले तेजी से बढ़ गए हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है और गंभीर हालत वाले कई बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है।
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बस स्टैंड रोड पर गन्ने का जूस पीते लोग। - फोटो : 1
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विस्तार
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खुले-गंदगी में बिकने वाले जूस और फास्टफूड बच्चों को बीमार बना रहे हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन और बाल रोग विभाग में पीलिया, डायरिया और फूड पॉइजनिंग के दोगुना मरीज बढ़ गए हैं। कई की हालत खराब मिलने पर भर्ती भी किया जा रहा है।
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बाल रोग विभाग के डॉ. नीरज यादव ने बताया कि ओपीडी में 167 मरीज आए। इनमें 30-35 को हेपेटाइटिस ए-ई, डायरिया और फूड पॉइजनिंग की परेशानी मिली। पूछताछ में परिजन ने बताया कि गंदगी और खुले में बिकने वाले जूस, चाट पकौड़ी, फास्टफूड समेत अन्य सामग्री खा-पी लिया। इनमें दूषित पानी तो कई लोग बासी सामग्री का उपयोग भी करते हैं। मक्खी भी भिनभिनाती हैं।

इसके खाने से हेपेटाइटिस ए-ई जिसे सामान्य तौर पर पीलिया बोलते हैं। उल्टी-दस्त, पेट में दर्द और तेज बुखार की परेशानी मिल रही है। बच्चों की आंखें-त्वचा पीली पड़ने के साथ कमजोरी और बुखार मिलने पर 10-15 बच्चे भर्ती भी कर रहे हैं। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अरुण जैन ने बताया कि दो सप्ताह से पीलिया के बच्चों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। पेट में दर्द, उल्टी-दस्त, तेज बुखार आ रहा है। टाइफाइड भी मिल रहा है। कई बच्चों के अभिभावक तो घर में रखी दवाएं ही खिला-पिला रहे थे। हालत खराब होने पर डॉक्टर को दिखाने आए।
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उल्टी-दस्त के ज्यादा मरीज
मेडिसिन विभाग के डॉ. अजित चाहर ने बताया कि सोमवार को ओपीडी में 656 मरीज आए। इनमें डायरिया, सांस रोग, डिहाइड्रेशन के मरीज सबसे ज्यादा हैं। कई मरीजों के रक्तचाप भी गड़बड़ाया मिला। दूषित भोजन और गर्मी के कारण मरीजों के पेट में दर्द, उल्टी-दस्त की परेशानी मिल रही है। त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि तेज धूप से सन बर्न, चकत्ते, खुजली, जलन और लाल दाने के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इनको दवा देने के साथ बचाव के बारे में भी बता रहे हैं।

एक दिन ही चलाया जांच अभियान
खाद्य विभाग ने दूषित खाद्य सामग्री के खिलाफ एक दिन का अभियान चलकर ही ठप हो गया। 30 मई को खाद्य विभाग की टीम ने गन्ने का जूस, मैंगो शेक, बनाना शेक, आइसक्रीम, आइसकैंडी समेत 22 के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे थे। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय महेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि इनके खिलाफ फिर अभियान चलाया जाएगा।
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इन बातों का रखें ध्यान
- खुले और गंदगी में बिकने वाली सामग्री खाने-पीने से बचें।

- बच्चों को भोजन से पहले हाथों को साफ कराएं।
- बासी भोजन और गले हुए फल खिलाने से बचें।

- उल्टी-दस्त होने पर ओआरएस पिलाएं, ठीक न होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
- साफ पानी पिएं, हो सके तो उबालने के बाद ठंडा कर पिलाएं।



 
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