मैनपुरी। विकास भवन में तैनात निलंबित कर्मचारी की मां ने मुख्यमंत्री को जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) के विरुद्ध शिकायत भेजी है। इसमें बेटे को प्रताड़ित किए जाने के साथ ही डीडीओ के विरुद्ध चल रही कार्रवाई के मामले में शपथ पत्र देने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पत्र में न्याय दिलाने की मांग की है। जिले के उच्चाधिकारियों को भी शिकायती पत्र भेजा गया है।
जिला विकास अधिकारी कार्यालय में तैनात कर्मचारी नितिन थापा को जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) ने छह जनवरी को शासकीय कार्यों में अनियमितता के आरोप में निलंबित कर दिया था। इसके बाद से वह कोरोना संक्रमित चल रहा है। मामले में कर्मचारी की मां गीता रानी थापा ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि जिला विकास अधिकारी प्रवीण कुमार राय को 13 जून 2021 को निलंबित कर दिया गया था, उनके विरुद्ध जांच चल रही है। मामले में कोर्ट ने निलंबन आदेश को स्थगित करते हुए जांच जारी रखने के आदेश दिए थे। निलंबन आदेश स्थगन के बाद से ही जिला विकास अधिकारी उन पर चल रही कार्रवाई के संबंध में उनके पुत्र पर शपथ पत्र देने का दबाव बना रहे हैं। वे उसे बर्खास्त करने की धमकी भी दे रहे थे।
इसी को लेकर द्वेषभावना से पुत्र को निलंबित कर दिया गया। जबकि पूर्व में ढाई साल तक जिला विकास अधिकारी द्वारा उनके पुत्र के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि निलंबन के बाद से ही उनके पुत्र की हालत खराब चल रही है, जिसके लिए उन्होंने जिला विकास अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने मामले की जांच कर कार्रवाई किए जाने और न्याय दिलाने की मांग की है। शिकायती पत्र जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और पुलिस अधीक्षक के अलावा आयुक्त ग्राम्य विकास और अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास को भी भेजा गया है। वहीं मामले में जब जिला विकास अधिकारी प्रवीण कुमार राय से उनका पक्ष जानने के लिए प्रयास किया गया तो उनका फोन नहीं उठा।