केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया ने मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट खलीकुज्जमा की अदालत में समर्पण किया। कई मुकदमों में अदालत में उन्हें तलब किया गया था। उनके अधिवक्ताओं ने सात मुकदमों में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए। न्यायाधीश ने 20-20 हजार रुपये के दो-दो जमानती और इतनी ही धनराशि के मुचलकों पर उन्हें रिहा करने के आदेश किए।
मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे राज्यमंत्री अपने अधिवक्ताओं के साथ दीवानी पहुंचे। उन्होंने सीजेएम कोर्ट में समर्पण कर दिया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने जमानती प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए। दोपहर ढाई बजे तक सात मामलों में उन्हें जमानत दे दी गई। जिन केसों में जमानत मिली, वे इस तरह हैं।
- जीआरपी आगरा कैंट पर 26 सितंबर 2009 को समर्थकों के साथ रेल रोकने और रेलवे ट्रैक को बाधित करने का आरोप।
- नाई की मंडी थाने में 28 जनवरी 2011 को समर्थकों के साथ मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन, तोड़फोड, सरकारी कार्य में बाधा का आरोप।
- 17 मार्च 2003 को जीआरपी ने तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। पहला आगरा कैंट स्टेशन पर सैकड़ों समर्थकों के साथ रेलवे ट्रैक बाधित कर हंगामा और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला है। दूसरा मजिस्ट्रेट चेकिंग के दौरान बेटिकट यात्रियों को छुड़ाने और राजामंडी में हंगामा करने का आरोप। तीसरा स्टेशन पर हंगामा करने और रेलवे अधिकारियों का घिराव करने का मामला दर्ज किया गया था।
- 12 मार्च 2010 में थाना हरीपर्वत में धारा 144 के उल्लंघन का आरोप है। संजय प्लेस से एमजी रोड तक जुलूस निकाला था।
- सन 2011 में नाई की मंडी थाने में जुलूस के दौरान एमजी रोड पर हंगामा और रोड जाम करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप में रिपोर्ट।