आगरा में समाज कल्याण विभाग में लापरवाही का आलम देखिए। जिंदा सूरजभान को मृत दर्शा दिया। पोर्टल पर गलत रिपोर्ट फीड होने से पेंशन बंद हो गई। एक साल तक वृद्ध ब्लॉक से तहसील, विकास भवन व कलेक्ट्रेट तक दौड़ता रहा। थककर समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण से गुहार लगाई तो 24 घंटे में दोबारा पेंशन शुरू हो गई है।
बड़ागांव निवासी 70 वर्षीय सूरजभान पुत्र स्व. पंजाब सिंह को हर माह एक हजार रुपये वृद्धावस्था पेंशन मिलती थी। 2023-24 में सर्वेयर ने लापरवाही बरती। पेंशनर सत्यापन में आंख मूंद कर रिपोर्ट में जिंदा सूरजभान को मृत दर्शा दिया। पोर्टल पर मृतक की रिपोर्ट फीड होने से पेंशन रुक गई। एक साल से बुजुर्ग सरकारी दफ्तरों में चक्कर काटता रहा। लेकिन, उसकी सुनवाई नहीं हो रही थी।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। फिर बुजुर्ग ने समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण से गुहार लगाई। मंत्री ने तत्काल मामले का संज्ञान लेते हुए समाज कल्याण निदेशक से नाराजगी व्यक्त की। गलत डाटा फीडिंग व सत्यापन में लापरवाही पर फटकार लगाई। जिसके बाद तत्काल निदेशालय से सही डाटा फीड किया गया। 24 घंटे में ही पेंशन स्वीकृति प्रमाणपत्र बन गया।
समाज कल्याण अधिकारी प्राची जोशी पेंशन स्वीकृति का प्रमाणपत्र लेकर बुधवार को बड़ागांव पहुंचीं। बुजुर्ग सूरजभान को जब पेंशन शुरू होने और प्रमाणपत्र दिखाया तो उनके चेहरे पर चमक आ गई। प्राची जोशी ने बताया कि मार्च में पहली करीब एक साल की पेंशन एकमुश्त लाभार्थी के खाते में आएगी। तकनीकी त्रुटि के कारण उनका नाम पेंशन लाभार्थियों की सूची से हट गया था। जिसे मंत्री के निर्देश पर ठीक कर लिया गया है।