आगरा के बिल्डर प्रखर गर्ग सहित 197 आरोपियों की संपत्ति बीएनएस की धारा 107 के तहत जब्त की जाएगी। संपत्ति को चिह्नित करने के लिए नगर निगम, आयकर, परिवहन, निबंधन कार्यालय एवं जीएसटी को पत्र लिखे गए हैं। कोर्ट में रिपोर्ट देने के बाद अनुमति ली जाएगी।
पुलिस ने हाल ही में नकली दवा, घी आदि के मामले पकड़े थे। जमीनों के फर्जीवाड़ा करने वाले जेल भेजे थे। कई अन्य अपराधियों पर भी कार्रवाई की गई। यह देखा जा रहा है कि अपराध से संपत्ति किसने और कितनी अर्जित की। इसमें बिल्डर प्रखर गर्ग का भी नाम है। उस पर भी केस दर्ज हैं।
आईपीसी में पुलिस संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट के तहत करती थी। भारतीय न्याय संहिता में धारा 107 में विवेचक को शक्तियां मिली हैं। वह संपत्ति जब्तीकरण के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दे सकते हैं। उन्हें साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे कि आरोपी ने संपत्ति अपराध से अर्जित की है। कोर्ट की अनुमति पर आरोपी की संपत्ति को जब्त किया जा सकता है।
पुलिस आयुक्त ने दिए कार्रवाई के निर्देश
डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि पुलिस आयुक्त जे रविन्दर गौड ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस पर आरोपियों की सूची तैयार की गई। इसके बाद संपत्ति चिह्नित की जा रही है। कुछ की रिपोर्ट भी कोर्ट में प्रस्तुत की जा चुकी है। अनुमति मिलने पर संपत्ति का जब्तीकरण कर दिया जाएगा।
प्रखर गर्ग की संपत्ति की जा रही है चिन्हित
थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि बिल्डर प्रखर गर्ग की संपत्ति चिन्हित करने की कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए आयकर, जीएसटी, परिवहन, निबंधन कार्यालय, नगर निगम के अधिकारियों को पत्र लिखे हैं। मुकदमे में नामजद आरोपी के नाम क्या-क्या संपत्ति है। यह पता किया जा रहा है। फर्म के बारे में भी जानकारी मांगी गई है। संपत्ति चिन्हित करने के बाद विवेचक कोर्ट में प्रार्थनापत्र देंगे।