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ताजमहल में नमाज पढ़ने का मामला: इंतजामियां कमेटी ने कहा- सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करेंगे पुनर्याचिका

Tue, 10 Jul 2018 06:41 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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ताजमहल
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें ताजमहल परिसर में बाहरी लोगों के नमाज पढ़ने की अपील की गई थी। सिर्फ स्थानीय मुस्लिम नागरिक ही वहां नमाज अदा कर सकते हैं। 
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इस फैसले पर याचिका दाखिल करने वाले ताजमहल इंतजामियां कमेटी के पदाधिकारियों का कहना है कि वो अब जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करेंगे। उन्हें उम्मीद है इंसाफ मिलेगा। 
 
जुमे के दिन देसी-विदेशी सैलानियों को ताज में प्रवेश दे दिया जाता था, लेकिन जिला प्रशासन ने 24 जनवरी से इस पर रोक लगा दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी इंतजामियां कमेटी की याचिका को खारिज कर दिया।
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पर्यटकों के लिए शुक्रवार को बंद रहता है ताज

ताजमहल शुक्रवार को पर्यटकों के लिए बंद रहता है। ताज को केवल ताजमहल परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए खोला जाता है। इस दिन एएसआई कर्मचारी और सीआईएसएफ के सुरक्षाकर्मियों की देखरेख में नमाजियों को प्रवेश दिया जाता था।

ताजमहल में आने वाले नमाजियों को पहचान पत्र चेक करने के बाद नमाज के लिए जाने दिया जाता था। इसकी आड़ में ही देश और विदेशों से आने वाले सैलानियों को भी नमाजी बनाकर ताज में प्रवेश कराया जाता था।

इनमें से ज्यादातर का मकसद नमाज अदा करना नहीं बल्कि ताजमहल का भ्रमण करना होता था। कई बार सुरक्षा कर्मियों के साथ विदेशियों के शुक्रवार को प्रवेश को लेकर ताजमहल के प्रवेश द्वारों पर विवाद हुए। 

सुरक्षा के लिहाज से लगी रोक

कई दफा ताज की सुरक्षा को खतरे का अंदेशा भी पैदा हुआ। इसके बाद जनवरी 2018 में जिला प्रशासन ने बाहरी व्यक्तियों के शुक्रवार को प्रवेश पर पाबंदी लगा दी। 

इस पर ताजमहल मस्जिद इंतजामियां कमेटी ने विरोध किया। उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करके बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक हटाने की मांग की थी। 

सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद ताजमहल इंतजामियां कमेटी के पदाधिकारियों का कहना है कि अब जल्द ही पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाएगी। 
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दाखिल करेंगे पुनर्याचिका

कमेटी के अध्यक्ष इब्राहिम जैदी, मस्जिद के मुतवल्ली सैयद मुनव्वर अली का कहना है कि पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाएगी। उन्हें उम्मीद है कि इंसाफ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि इस तरह से तो सभी धार्मिक स्थल के भ्रमण पर आंच आ सकती है। अमरनाथ यात्रा, हज, पाकिस्तान के धर्मस्थलों पर भी बाहरी लोगों को जाने इजाजत दी जाती है। 
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