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चंबल में अवैध खनन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: दोबारा जांच करेगी  सीईसी, सरकार के दावों पर उठे सवाल

Sat, 30 May 2026 07:47 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

चंबल सेंक्चुअरी में अवैध रेत खनन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी (CEC) को दोबारा औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सरकार के खनन न होने के दावों के बीच गैर-पंजीकृत वाहनों से रेत ढुलाई पर भी नाराजगी जताई और मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को तय की है।
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चंबल सेंक्चुअरी में अवैध बालू खनन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को नेशनल चंबल सेंक्चुअरी क्षेत्र में रेत के अवैध खनन मामले में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच के सामने मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए एडिशनल सालिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने खनन से इनकार कर दिया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पूर्व खनन कर जमा की गई रेत ट्रैक्टर-ट्राॅली से ढोई गई थी। इस पर सच्चाई जानने के लिए कोर्ट ने सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी (सीईसी) को दोबारा निरीक्षण कर रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए। इस मामले में अब 22 जुलाई को सुनवाई होगी।
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सुप्रीम कोर्ट ने उप्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान में फैली नेशनल चंबल सेंक्चुअरी में अवैध खनन के मामले पर मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया था। शुक्रवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने खनन होने की मीडिया रिपोर्ट पर एएसजी से हलफनामा मांगा था। एएसजी एसवी राजू ने बेंच के सामने चंबल सेंक्चुअरी में अवैध खनन होने की मीडिया रिपोर्ट को गलत ठहराते हुए कहा कि अब खनन नहीं हो रहा। खनन के पुराने फोटो इस्तेमाल किए गए हैं। इसका ड्रोन सर्वे भी कराया जा चुका है। ट्रैक्टर-ट्राॅली से जिस रेत का खनन किया जा रहा है, वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पूर्व ही एक जगह एकत्र करके रखी गई थी। बेंच ने इस पर सीईसी से कहा कि टीम औचक निरीक्षण करके अगली सुनवाई से पहले अपनी रिपोर्ट दे।

गैर-पंजीकृत वाहनों से ढोई जा रही रेत
मुरैना में बिना पंजीकरण के हजारों वाहनों से अवैध खनन करके निकाली गई रेत की ढुलाई की जा रही है। इसके संचालन पर सुप्रीम कोर्ट बेंच ने नाराजगी जताई। बेंच ने कहा कि पंजीकरण के बिना चलाए जा रहे इन वाहनों से कोई दुर्घटना हो गई तो जिम्मेदार कौन होगा। गैर-पंजीकृत वाहनों का तो बीमा भी नहीं होता है। हादसे में कोई मारा गया तो उसे मुआवजा भी नहीं मिलेगा।
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अवैध खनन में 45 लोगों पर की गई एक माह में एफआईआर
चंबल सेंक्चुअरी में अवैध खनन पर कार्रवाई का ब्योरा सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा गया। एएसजी ने बताया कि 76 मामले अवैध खनन के पकड़े गए, जिनमें 45 पर एफआईआर दर्ज की गई। 12 लोग गिरफ्तार किए गए। 44 वाहनों को सीज किया गया। बालू के अवैध खनन और परिवहन रोकने के लिए ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को लगाया गया है। तीन जिलों के लिए विशेष अधिकारी तैनात की गई हैं। किरन शर्मा को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। चेक पोस्ट और सेंक्चुअरी क्षेत्र का वह निरीक्षण करेंगी। एएसजी ने 15 दिन में प्रभावी नियंत्रण करने का दावा किया है।
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