उत्तर प्रदेश के आगरा में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए जिले में 171 केंद्र बनाए जा चुके हैं। इनमें से कुछ केंद्रों की फिर से मानकों पर परखा जाएगा। जिले के केंद्रों की जांच के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से प्रयागराज स्थित निदेशालय में तैनात संयुक्त शिक्षा निदेशक (महिला) डॉ. मुकेश अग्रवाल को पर्यवेक्षक नामित किया गया है।
पर्यवेक्षक को जिले के कम से कम 50 केंद्रों की जांच करनी है। इस दौरान केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों को देखना है। केंद्र में कमरों की संख्या, सीसीटीवी कैमरे व वॉयस रिकार्डर लगे होने की स्थिति, हाईस्पीड ब्रांडबैंड इंटरनेट की उपलब्धता की स्थिति, बिजली जाने पर जनरेटर व इन्वर्टर की उपलब्धता की स्थिति की व्यवस्था को देखना है।
इसके अलावा जहां प्रश्नपत्र रखे जाने हैं, उस स्ट्रांग रूम की स्थिति, अग्निशमन की व्यवस्था, पीने के पानी की व्यवस्था, बाउंड्रीवाल, कमरों में पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था आदि को देखना है। जो केंद्र नए हैं, जांच में उनको प्राथमिकता दी जा सकती है। गत परीक्षा में जिन केंद्रों की शिकायत की गई थी, उन्हें भी देखा जा सकता है।
पर्यवेक्षक केंद्रों का निरीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा निदेशक को सौंपेंगे। ऐसे में मानकों पर खरा न उतरने वाले परीक्षा केंद्रों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जिले में पर्यवेक्षक नामित किए गए डॉ. मुकेश अग्रवाल ने बताया कि प्रत्येक तहसील के केंद्रों का निरीक्षण किया जाएगा। सोमवार से इसकी शुरूआत कर दी जाएगी। निदेशालय से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप केंद्रों की जांच की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से परीक्षा केंद्रों की सूची प्राप्त कर ली गई है।