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Deepti Sharma: दीप्ति शर्मा के भाई के बारे में भी जान लीजिए, बहन के लिए किया सबसे बड़ा त्याग; छोड़ आए नौकरी

Tue, 04 Nov 2025 09:12 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आईसीसी महिला वर्ल्ड कप विजेता टीम की मुख्य नायिका बनकर उभरीं दीप्ति शर्मा की सफलता के पीछे उनके भाई का भी अहम योगदान रहा। दीप्ति के भाई सुमित ने अपने कॅरिअर को दांव पर लगाकर बहन को आगे बढ़ाया। 
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दीप्ति शर्मा और उनके भाई सुमित शर्मा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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भारत की बेटियों ने आईसीसी महिला वर्ल्ड कप में विजेता बनकर इतिहास रचा। इसमें आगरा की बेटी दीप्ति शर्मा की भूमिका ऑलराउंडर की रही। उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में उनके अपने भाई सुमित का बड़ा योगदान है। उन्होंने अपनी अच्छी नौकरी के कॅरिअर को दांव पर लगाकर बहन को आगे बढ़ा और बहन को कोई दिक्कत न आए इसके लिए क्रिकेट अकादमी खोल दी।
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पिता श्रीभगवान शर्मा ने बताया कि क्रिकेट में मुकाम हासिल करने के बाद बेटे सुमित ने दिल्ली में एक कंपनी में नौकरी शुरू कर दी थी। हालांकि जब उसे लगा कि बहन दीप्ति को अगर बढ़ाना है तो उसे अपनी चिंता छोड़नी होगी। सुमित शहर लौट आए। वह रोजाना सुबह और शाम कोचिंग देकर दीप्ति के खेल को बेहतर करने में जुट गए।
 
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पहले मैदान छोटा होने से प्रैक्टिस करने में परेशानी होती थी। इसलिए वायु विहार रोड पर किराये की जमीन पर स्टार नेस्ट बैजंती क्रिकेट अकादमी खोली। सुमित सुबह 5 बजे बेटी को अभ्यास के लिए ले जाता था।
खिलाड़ी शिवम गौतम ने बताया कि दीप्ति दीदी जब भी ग्राउंड पर आती हैं तो हमें बॉल फेंकने के बारे में जानकारी देती हैं। खिलाड़ी सत्यम गुप्ता ने बताया कि सुमित सर के साथ जब दीदी मैदान पर प्रैक्टिस करने आती है। वह हमें फील्डिंग, विकेटकीपिंग, बल्लेबाजी एवं गेंदबाजी के बारे में जानकारी देती है।

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अपने पैसाें से लगवाई फ्लड लाइटें
अंतरराष्ट्रीय मैचों के अनुकूल बहन की तैयारियों के लिए सुमित ने हर वह काम किया जो उन्हें मुनासिब लगा। दो बीघा में बनाए मैदान से मौजूदा अकादमी तक में सुमित ने अपनी हर ताकत झोंक दी। मां सुशीला ने बताया कि मैदान में सुबह और शाम के समय तो प्रैक्टिस हो जाती लेकिन सुमित को रात में भी ट्रेनिंग की चिंता रहती थी। वह कहता, देश-विदेश में डे-नाइट मैच भी होंगे। ऐसे में रात में खेलने की आदत भी डालनी होगी। इसी के बाद मैदान में सुमित ने अपने खर्च से फ्लड लाइटें लगवाईं ताकि रात में भी प्रैक्टिस की जा सके।
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