आगरा में थाना न्यू आगरा के नगला पदी स्थित विद्या नगर में आर्थिक तंगी से कर्ज में डूबे पांच बच्चों के पिता ने सोमवार दोपहर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पिता की मौत से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोग उन्हें किसी तरह संभाल रहे हैं। पुलिस ने बताया कि युवक काम नहीं चलने से तनाव में था। कर्ज में भी डूबा हुआ था। घर में खाने तक के लिए कुछ नहीं था। इसके चलते ही उसने यह कदम उठाया।
बताया गया है कि विद्या नगर, नगला पदी निवासी रवि (35) पुत्र छत्रपाल कुशवाहा टिफिन सर्विस का काम करते थे। उसके पांच बच्चे हैं। इनमें बड़ी बेटी डॉली, छोटी बेटियां तुलसी, कल्पना, रिया और छह साल का बेटा नैतिक है। रिश्तेदारों ने बताया कि रवि मोहल्ले के आसपास किराये पर रहने वाले 100-150 छात्र-छात्राओं को खाने का टिफिन पहुंचाने का काम करता था। यही उसकी आजीविका का साधन था।
चार महीने पहले क्षेत्र में एक ढाबा खुल गया। छात्र-छात्राओं ने ढाबे पर खाना शुरू कर दिया। इससे रवि के टिफिन कम हो गए। मुश्किल से 20-25 टिफिन की ही सप्लाई हो पा रही थी। महीने पर तीन हजार रुपये कमा पाता था। इससे घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा था। उस पर 20 हजार का कर्ज भी हो गया। इससे तनाव में चल रहा था।
सोमवार को उसकी पत्नी कमलेश और मां कपूरी देवी चावली गांव रिश्तेदार के यहां नामकरण संस्कार के कार्यक्रम में गई थीं। घर पर बच्चे थे। दोपहर 12 बजे बड़ी बेटी डॉली बिजली का बिल जमा करने गई थी। बाकी बेटा और बेटियां घर के बाहर खेल रहे थे। डॉली दो बजे लौटकर आई तो कमरे में पिता का शव फांसी के फंदे पर पंखे के कुंडे से लटका देखा।
उसकी चीख निकल गई। पड़ोसियों ने मृतक की पत्नी कमलेश को घटना की जानकारी दी। कुछ देर बाद वह भी आ गई। परिवारीजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। हालांकि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।