रक्षाबंधन से पहले आगरा के थोक बाजार में तीन दिनों में चीनी के दाम करीब 500 रुपये प्रति क्विंटल गिरकर 5800 से 6000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं। थोक कीमत घटने के बावजूद फुटकर बाजार में ग्राहकों को पुरानी दरों पर चीनी मिल रही है, जिस पर व्यापारियों ने मुनाफाखोरी और सट्टेबाजी रोकने की मांग की है।
आगरा के थोक बाजार में पिछले तीन दिनों के भीतर चीनी के दामों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कीमतें 500 रुपये प्रति क्विंटल तक लुढ़क गई हैं। इस राहत का फायदा आम उपभोक्ताओं की जेब तक नहीं पहुंच रहा है, क्योंकि फुटकर बाजार में दुकानदारों की मनमानी और मुनाफाखोरी अब भी बेरोकटोक जारी है।
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आगरा शुगर एंड खंडसारी एसोसिएशन अध्यक्ष गिर्राज अग्रवाल के अनुसार थोक मंडी में इस समय चीनी का भाव 5800 से 6000 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया है। करीब 500 रुपये भाव टूटा है। इसके बावजूद फुटकर दुकानदार ग्राहकों से पुरानी दरें ही वसूल रहे हैं। आगरा व्यापार मंडल अध्यक्ष टीएन अग्रवाल का कहना है कि थोक बाजार में दाम गिरने के बाद भी परचून की दुकानों पर चीनी के दाम कम न होने से लोग खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
कीमतों में अचानक आए इस उतार-चढ़ाव को लेकर थोक व्यापारियों ने चिंता जताई है। व्यापारियों का कहना है कि बाजार में सट्टेबाजों की सक्रियता के कारण दामों में अस्थिरता का माहौल है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी नंद किशोर का कहना है कि चीनी गोदामों में रखे स्टॉक का साप्ताहिक सत्यापन किया जा रहा है। सबको पोर्टल पर स्टॉक फीड करना होगा फिर उसका मिलान होगा। उन्होंने कहा कि फुटकर और किराना दुकानों पर भी चीनी स्टॉक का सत्यापन होगा।