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कटरी में प्रवासियों ने बढ़ा दी गन्ने की खेती, घुलेगी मिठास

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कासगंज। लॉकडाउन के बीच मुसीबतें झेल गांव लौटे प्रवासियों ने अब कटरी में गन्ने की खेती करने का मन बना लिया है। उनकी मेहनत रंग लाएगी तो लहलहाती फसल में मिठास घुलेगी। गन्ना विभाग के सर्वे में पाया गया है कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल लगभग 3 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल बढ़ गया है। सर्वे में किसानों की जो सूची तैयार हो रही है। उसमें तमाम नाम प्रवासियों के जुड़े हुए हैं।
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प्रवासी अब दूसरे शहरों और राज्यों से लौटकर अपने-अपने गांव पहुंच गए हैं। तमाम प्रवासी आर्थिक तंगी से निपटने के लिए जिले में ही काम तलाश रहे हैं। प्रशासन प्रवासियों को मनरेगा के तहत काम दे रहा है। इस बीच तमाम प्रवासियों ने खेती में मेहनतकर भविष्य की संभावनाएं तलाशना शुरू कर दी हैं। कटरी क्षेत्र के अधिकांश प्रवासी अब गन्ने की खेती में उम्मीदें तलाश रहे हैं।
इसलिए तो प्रवासी मजदूर भी गन्ना किसान बने गए हैं। यह पुष्टि गन्ना विभाग के सर्वे से हुई है। गन्ना विभाग हांलाकि अभी यह तो स्पष्ट नहीं कर सका है कि कितने प्रवासी गन्ना किसान बन चुके हैं, लेकिन सर्वे में यह पाया गया है कि लगभग 3 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती का रकवा बढ़ गया है। किसानों की जो सूची तैयार हो रही है उसमें हर रोज किसानों के नाम बढ़ रहे हैं। रकवे का तो सर्वे हो गया, अब इस रकवे में किसानों की संख्या का प्रतिदिन विवरण जोड़ा जा रहा है।
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आंकड़े की नजर से
- 8000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पिछले साल हुआ था गन्ना।
- 11000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में इस बार होगी गन्ने की पैदावार।
- 7800 किसान पिछली साथ थे पंजीकृत।
- 18 लाख क्विंटल गन्ना पुराने पेराई सत्र में मिल ने खरीदा था।
पिछले साल का अब तक नहीं हुआ भुगतान
पेराई सत्र खत्म होने के बाद भी अब तक किसानों का भुगतान नहीं किया गया है। पिछले साल करीब 58.50 करोड़ रुपये का गन्ना किसानों ने बेंचा था। मिल अब तक महज 11.81 करोड़ का ही भुगतान कर पाया है। जबकि 46. 69 करोड़ रुपये अभी तक बकाया हैं।
लॉकडाउन में चीनी देने का भी था ऑफर
चीनी मिल ने किसानों को भुगतान नहीं कर पाने की दशा में लॉकडाउन के दौरान रुपये के बदले जरूरत भर की चीनी लेने का ऑफर दिया ता। इसे किसानों ने नकार दिया। तब से अब तक भुगतान नहीं किया गया है। चीनी मिल के जीएम सत्यपाल सिंह ने बताया कि लॉकडाउन में चीनी नहीं बिक पाने के कारण भुगतान नहीं हो सका है। जल्दी ही किसानों के भुगतान की व्यवस्था की जाएगी।
चीनी मिल को प्रशासन ने दिया नोटिस
चीनी मिल ने लॉकडाउन में चीनी बिक्री न होने का हवाला देते हुए किसानों का भुगतान तेजी से नहीं किया। इस पर प्रशासन ने नाराजगी जाहिर की है। डीएम सीपी सिंह के निर्देश पर जिला गन्ना अधिकारी ने चीनी मिल को नोटिस देते हुए जल्द भुगतान के निर्देश दिए हैं। कहा है कि लॉकडाउन में रियायत है। जल्द भुगतान करें।
वर्जन-
- इस बार गन्ने का रकवा बढ़ रहा है। लगभग 3000 हेक्टेयर क्षेत्रफल तक रकवा बढ़ा है। किसानों का जो सर्वे बढ़ रहा है उसमें तमाम किसान प्रवासी मजदूर हैं। जल्द ही गन्ना किसानों का पूर्ण विवरण तैयार कर लिया जाएगा। पुराने बकाये का भुगतान कराया जा रहा है। - ओम प्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।
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