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UP Board 2024: किताबें पढ़ने का शौक और सोशल मीडिया से दूरी...12वीं में अंजलि ने ऐसे पाया जिले में दूसरा स्थान

Sun, 21 Apr 2024 11:43 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में 12वीं की परीक्षा में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली अंजलि ने बताया कि वो सेना में जाना चाहती हैं। उन्हें किताबें पढ़ने का शौक है और सोशल मीडिया से वो दूर ही रहती हैं। 
 
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परिवार के साथ अंजलि - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के सैनिक इंटर कॉलेज फतेहपुरा, जैतपुरकला की छात्रा अंजलि ने 96.40 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। पिता राजपाल कानपुर में प्राइवेट नौकरी करते हैं। अंजली ने बताया कि उन्हें किताबें पढ़ने का शौक है, सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। लेकिन परीक्षा की तैयारी करने में यूट्यूब की मदद ली।
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पिता ने इंटर और मां साधना देवी ने हाईस्कूल तक पढ़ाई की है। कहते हैं बेटी ने हमारी पढ़ाई की कमी को पूरा कर दिया। अंजलि ने 500 में से 482 अंक हासिल किए हैं। हिंदी, अंग्रेजी, गणित प्रत्येक में 96 तथा भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान में 97 अंक किए हैं। वह सेना के माध्यम से देश सेवा करना चाहती हैं।

 

चिकित्सक बन करना चाहती हैं सेवा
एसबी गर्ल्स इंटर कॉलेज नगला देवहंस फतेहाबाद की छात्रा अदिति गुप्ता ने भी 482 अंकों के साथ जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। शिक्षक परिवार की यह बेटी चिकित्सक बन जनसेवा करना चाहती है। प्रेरणा बुआ के बेटे यश से मिली। पिता अमित गुप्ता बेटी की सफलता से बेहद उत्साहित हैं।

 

सिविल सर्विसेज में है जाना
एसएसएडीजी महाराज इंटर कॉलेज डौकी की छात्रा नेहा शर्मा का लक्ष्य सिविल सर्विसेज में जाना है। बताती हैं पिता नरेंद्र कुमार ने बचपन से ही आईएएस बनने की प्रेरणा दी, उसी लक्ष्य पर आगे बढ़ रही हूं। रोजाना 7 से 8 घंटे पढ़ाई करती थी। नेहा ने भी 500 में से 482 अंक प्राप्त कर 96.40 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। नेहा का भी जिले में संयुक्त रूप से दूसरा स्थान है।

 

चिकित्सक बन करेंगे जनसेवा
मॉर्निंग रेज इंटर कॉलेज नौमील के छात्र रंजीत कुमार ने 481 अंकों के साथ 96.20 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। पिता दिनेश कुमार की फर्नीचर की दुकान है। रंजीत चिकित्सक बनना चाहते हैं, बताते हैं कि कोरोना काल में पिता की तबीयत खराब हुई तो उस समय बहुत बुरे हालात हो गए थे। तभी मैंने चिकित्सक बनने का संकल्प ले लिया था। डॉक्टर बनकर गरीबों की सेवा करूंगा।

 

बनना चाहती हैं आईएएस
सैनिक इंटर कॉलेज फतेहपुरा की छात्रा प्रकृति ने इंटरमीडिएट की परीक्षा में 500 में से 480 अंकों के साथ 96 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। उनकी जिले में चौथी रैंक है। प्रकृति बताती हैं कि पिता वेदप्रकाश दसवीं और मां मनोरमा आठवीं कक्षा तक पढ़ी हैं। दोनों ने उन्हें पढ़ाई का महत्व समझाया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। आईएएस अफसर बनने का लक्ष्य लेकर पढ़ाई जारी रखेंगी। किसान पिता की यह छोटी बेटी रोजाना 4 से 5 घंटे पढ़ाई करती है।

 
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भारतीय प्रशासनिक सेवा में है जाना
सरस्वती ज्ञान मंदिर इंटर काॅलेज फतेहाबाद के छात्र विकास ने 500 में से 479 अंक प्राप्त किए हैं। उनके 95.80 प्रतिशत अंक हैं। पिता शिक्षक और मां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। विकास का लक्ष्य भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने का है। इंटर में जिले में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। वह यूपीएससी की परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी बनना चाहते हैं।

 
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