मथुरा में हाईवे के मोहनपुर अडूकी में 22 दिन पूर्व अमरनाथ के सात साल के बेटे की गोली लगने से हुई मौत के मामले में हाईवे पुलिस ने दरोगा वीरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
आईजी और एसपी सुरक्षा की जांच में यह सामने आया था कि पुलिस की गोली लगने से ही बालक की मौत हुई थी। सीओ सदर की विवेचना में भी दरोगा का नाम प्रकाश में आया था।
थाना हाईवे के गांव मोहनपुर अडूकी में 17 जनवरी को अमरनाथ के सात साल के बेटे माधव की सिर में पुलिस वालों की गोली लगने से मौत हो गई थी।
बालक की मौत मथुरा से लखनऊ तक गूंजी। शासन ने जांच के लिए आईजी राजा श्रीवास्तव को मोहनपुर अडूकी भेजा। यहां पर आईजी ने तत्काल प्रभाव से दरोगा वीरेंद्र सिंह, दरोगा सौरभ शर्मा और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया था।
आईजी ने सीओ सदर राकेश कुमार को विवेचना तो एसपी सुरक्षा सिद्धार्थ वर्मा को विभागीय जांच सौंपी थी। विभागीय जांच में पुलिस की गोली लगने से मौत होना माना गया था।
सीओ सदर राकेश कुमार की जांच में प्रकाश में आए दरोगा वीरेंद्र सिंह को शुक्रवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
यह था मामला
कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण की गैस एजेंसी के कर्मचारी से हुई लूट के खुलासे में जुटी हाईवे पुलिस को मोहनपुर अडूकी में बदमाशों के होने की खबर मिली थी।
खेतों में बदमाश समझकर चलाई गई गोली बेर खाते हुए माधव के सिर में लग गई थी। नयति में माधव की मौत हो गई थी। अज्ञातों के खिलाफ थाना हाईवे में मुकदमा दर्ज हुआ था।