फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेसिक शिक्षा विभाग की ढिलाई से अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की योजना पर पलीता

Mon, 03 Jun 2019 03:50 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
आगरा के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की योजना को बेसिक शिक्षा विभाग की ढिलाई से पलीता लग रहा है। चालू सत्र में इन विद्यालयों के लिए चयनित 108 परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। हर ब्लाक में पांच-पांच और स्कूल अंग्रेजी माध्यम से संचालित किए जाने हैं लेकिन विभाग अभी तक इनको तय ही नहीं कर पाया है। 
विज्ञापन


बेसिक शिक्षा परिषद की सचिव रूबी सिंह ने 10 मई को हर ब्लाक में पांच-पांच विद्यालयों के चयन का आदेश जारी किया था। 15 जून तक अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों, इनके लिए शिक्षकों का चयन करने के बाद चयनित शिक्षकों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिलाना है। एक जुलाई से अंग्रेजी माध्यम के इन स्कूलों में कक्षाएं चलनी हैं। 

लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग अभी तक विद्यालयों का चयन ही नहीं कर पाया है। अभी इस सूची के आधार पर शिक्षकों से आवेदन मांगे जाने हैं। उनकी लिखित एवं मौखिक परीक्षा कराई जानी है। विभाग की ढिलाई के अलावा कुछ शिक्षक नेता भी विद्यालयों के चयन में रोड़ा अटका रहे हैं। अंग्रेजी माध्यम से संचालित होने के लिए मानकों पर खरे उतर रहे कई स्कूलों को वह बाहर रखना चाहते हैं। वह नहीं चाहते कि विद्यालय में तैनात स्टाफ बदला जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई का रुझान अच्छा

शैक्षणिक सत्र 2018-19 में जिले में 80 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों का अंग्रेजी माध्यम से संचालन का लक्ष्य था। लेकिन विभाग 69 विद्यालय ही शुरू कर पाया। इन विद्यालयों में छात्र संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। कई विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या दो गुनी हो गई। 

इस रिपोर्ट के आधार पर शैक्षणिक सत्र 2019-20 में जिले में 90 परिषदीय प्राथमिक और 18 उच्च प्राथमिक विद्यालय अंग्रेजी माध्यम के लिए चिह्नित कराए गए। अप्रैल से इनमें कक्षाएं लगनी थीं। विभाग ऐसा नहीं करा पाया। इनके अलावा प्रत्येक ब्लाक में पांच-पांच विद्यालय और चलने हैं। 

बेसिक शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश शर्मा का कहना है कि विद्यालयों के नाम खंड शिक्षा अधिकारियों से मंगा लिए हैं। डायट प्राचार्य से मंजूरी लेनी है। चयनित स्कूलों में पढ़ाई शुरू न होने पर कहा कि शिक्षकों की चुनाव में ड्यूटी लगे होने से परीक्षा नहीं कराई जा सकी। इसी माह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। उन्होंने एक जुलाई से इन स्कूलों का संचालन होने का दावा किया है। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें