बोर्ड परीक्षाओं का समय नजदीक आ रहा है। स्कूलों में प्री-बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। विद्यार्थियों पर परीक्षा का बुखार चढ़ने लगा है। खासतौर पर 10वीं के छात्र-छात्राओं पर। इनको पहली बार बोर्ड परीक्षा में शामिल होना है।
सीबीएसई के विद्यार्थियों को पूरा पाठ्यक्रम पढ़कर परीक्षा देनी है। परीक्षा के संबंध में मनोवैज्ञानिकों ने छात्रों और अभिभावकों के लिए कुछ सुझाव दिए हैं।
मनोवैज्ञानिक ममता सिंह का कहना है कि परीक्षा की बेला में अभिभावकों को पैराशूट पैरेंटिंग से बचना चाहिए। पढ़ाई के संबंध में बोर्ड परीक्षार्थियों पर ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए।
इस घड़ी में अभिभावकों को सहयोगी भूमिका निभाना चाहिए। विद्यार्थियों के खानपान पर ध्यान देना चाहिए। बाहर का खाना, जंक फूड के बजाय पौष्टिक खाना दें।
विद्यार्थी रात में जगकर पढ़ रहे हों अभिभावकों को कोशिश करनी चाहिए कि वह भी कोई रुचि की किताब या पत्र-पत्रिका लेकर पढ़ाई करें। इससे विद्यार्थी के प्रति और रुचि पैदा होती है।
मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र के मनोवैज्ञानिक रामसेवक का बोर्ड के परीक्षार्थियों के लिए सुझाव है कि वह समयसारिणी बनाकर विषयों की पढ़ाई करें। विज्ञान, अंग्रेजी, गणित विषयों को लिखकर रिवीजन करें।
इससे बनाएं दूरी
इस समय टीवी, मोबाइल से दूरी बनाना उचित रहेगा। परीक्षा के समय हल्का खाना खाएं। तनावमुक्त रहने के लिए योग और मेडिटेशन का सहारा ले सकते हैं।
विद्यार्थी तनावग्रस्त हों तो अभिभावक जीआईसी ग्राउंड के पास स्थित मंडलीय मनोविज्ञान में काउंसलिंग के लिए पहुंच सकते हैं। मनोवैज्ञानिक रामसेवक से मोबाइल नंबर- 9457003812 पर संपर्क कर सकते हैं।
छात्रों के लिए भी हैं सुझाव
- जो कुछ करना है विद्यार्थियों को ही करना है।
- विद्यार्थी महत्वपूर्ण पाठों का चयन कर पढ़ाई करें।
- पांच वर्ष के अनसाल्व्ड पेपर हल करें।
- शादी समारोह और अन्य आयोजनों में जाने के बजाय पढ़ाई में समय दें।
- परीक्षा को हौव्वा के रूप में न लें, पढ़ाए गए पाठ्यक्रमों को दोहराएं।