मैनपुरी। पिछले छह महीनों के प्रयास के बाद भी जिले के 250 स्कूलों के 10 हजार छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था नहीं हो सकी है। बजट के बाद भी छात्र-छात्राएं जमीन पर बैठने को मजबूर हैं। तीन बार फर्नीचर के लिए जारी की गई टेंडर की प्रक्रिया निरस्त हो चुकी है। चौथी बार जिला प्रशासन के पास टेंडर के लिए फाइल भेजी गई है।
जनपद के 250 परिषदीय स्कूल में छात्र-छात्राओं को डेस्क पर बैठाने के लिए छह महीने पहले विभाग ने 1.53 करोड़ की धनराशि जारी की थी। लेकिन धनराशि उपलब्ध होने के छह महीने बाद भी जिले के 250 स्कूलों के लगभग 10 हजार छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था नहीं की जा सकी।
विभागीय अधिकारियों की मानें तो पूर्व में जेम पोर्टल पर तीन बार टेंडर जारी किया गया लेकिन एक भी बार पात्र संस्था न मिलने के कारण टेंडर आवंटित नहीं किया जा सका। चौथी बार अधिकारियों को छात्र-छात्राओं के फर्नीचर के लिए फाइल भेजी गई है। दूसरी तरफ फर्नीचर उपलब्ध न होने के कारण छात्र-छात्राओं को जमीन पर चटाई और टाट-पट्टी पर बैठना पड़ रहा है। जिससे छात्र-छात्राओं को परेशानी उठानी पड़ रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग को उच्चाधिकारियों द्वारा जारी किए गए निर्देश में कहा गया है कि जिले में 3229 डेस्क खरीदी जानी हैं। एक डेस्क की कीमत 4760 रुपये निर्धारित की गई है। जेम पोर्टल पर लगातार शासन से दिए गए नमूने के आधार पर खरीद का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन मानक के अनुसार संस्था न मिलने के कारण बार-बार टेंडर निरस्त हो रहा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो जेम पोर्टल पर आवेदन तो कई संस्थाओं ने किए लेकिन कम से कम तीन संस्थाएं ऐसी चाहिए थीं जो शासन से जारी मानकों को पूरा कर रही हों ऐसा नहीं हो सका। जिसके चलते बार-बार टेंडर निरस्त हो रहा है।
विभागीय आदेशों का पालन करते हुए जेम पोर्टल पर टेंडर की प्रक्रिया तीन बार की जा चुकी है। लेकिन जेम पोर्टल पर मानक के अनुसार संस्था नहीं मिली। चौथी बार फाइल अधिकारियों के पास भेजी गई है।
- कमल सिंह, बीएसए