आगरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में बीएएमएस विद्यार्थियों के रिजल्ट पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब एक महीने इंतजार के बाद 25 सितंबर की शाम विश्वविद्यालय ने रिजल्ट अपडेट किया। विद्यार्थियों का दावा है कि उन्हें वही पुराना परिणाम मिला, जिसके खिलाफ उन्होंने चैलेंज फॉर्म भरकर फीस जमा की थी।
विद्यार्थी विकल्प ने बताया कि जब कमेटी ने मामले की जांच की थी तो उसके बाद भी परिणाम में बदलाव क्यों नहीं हुआ। इसी समस्या पर एक बार फिर बीएएमएस के विद्यार्थियों ने परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन दिया है। विद्यार्थी मुकुल ने बताया कि कुछ विषयों में चैलेंज फॉर्म भरने के बाद अंक बढ़ने के बजाय कम हो गए थे। वहीं, जिन विषयों में चैलेंज फॉर्म नहीं भरा गया, उनमें भी अंक कम होने की शिकायत सामने आई थी।
इस पर बीएएमएस विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया था। इसके बाद 1 सितंबर को जांच कमेटी बनाई गई। विद्यार्थियों के मुताबिक, 25 सितंबर को कमेटी ने अपना निर्णय लिया और इसके बाद शुक्रवार शाम रिजल्ट अपडेट किया गया। बीएएमएस की पढ़ाई पांच साल में पूरी होनी चाहिए लेकिन परीक्षा और रिजल्ट में देरी के कारण विद्यार्थियों को करीब सात साल लग रहे हैं। चैलेंज फॉर्म भरने के बाद भी यदि वही रिजल्ट देना था तो विद्यार्थियों से फीस लेकर इतना इंतजार क्यों कराया।
कमेटी का निर्णय भी आ गया और क्रियान्वयन भी हो गया। विद्यार्थियों के दोनों मूल्यांकन को देखते हुए जो बेहतर था वही अंक दिए गए।
-ओम प्रकाश, परीक्षा नियंत्रक