मार्कशीट की फोटोकॉपी प्रमाणित कराते छात्र
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के छात्रों ने मार्कशीट की फोटोकॉपी प्रमाणित न होने पर हंगामा किया। नारेबाजी करते हुए कुलसचिव कार्यालय के दरवाजे को घेर लिया। प्रमाणित कॉपी वितरण करने के लिए सुरक्षा गार्ड लगाए गए तब जाकर छात्र शांत हुए।
विश्वविद्यालय में छात्र और कर्मचारियों में मारपीट के विरोध के बाद 26 अक्तूबर से कर्मचारी हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों को विश्वविद्यालय अधिकारियों का भी समर्थन था, जिसके चलते वह भी कार्यालय में नहीं बैठ रहे थे। 18 नवंबर को शिक्षक पात्रता की परीक्षा आयोजित होनी है।
इसको देखते हुए सोमवार को शैक्षणिक दस्तावेजों को प्रमाणित करने के लिए कुलसचिव कार्यालय खोला गया। छात्र भी भारी संख्या में पहुंचे। छात्रों को कुलसचिव कार्यालय जाने से रोकते हुए ताला लगा दिया। इससे छात्र भड़क गए और गेट का घेराव कर हंगामा कर दिया।
यह देख अधिकारियों ने छात्रों को बाहर ही इंतजार करने को कहा और सभी के दस्तावेज लेकर प्रमाणित करना शुरू कर दिया। सुरक्षा गार्ड के जरिये कार्यालय के बाहर प्रमाणित कापियां वितरण की गई। इसके बाद ही छात्रों का गुस्सा शांत हुआ।
छोटे-छोटे बच्चों को लेकर पहुंचे
मार्कशीट मिली तो खुशी से खिल उठा चेहरा
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भोगांव की सपना अपने छोटे-छोटे दो बच्चों के साथ विश्वविद्यालय आई। उनको बीएड 2013-14 की मार्कशीट नहीं मिली है। कई बार कुलसचिव समेत अन्य अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भी दिया जा चुका है, लेकिन मार्कशीट नहीं मिली। काफी देर तक यहां इंतजार करती रहीं, इस बीच बच्चे को भूख-प्यास लगी तो विश्वविद्यालय परिसर में ही उसे गिलास में दूध पीने को दिया।
अयोध्या के अशोक कुमार ने बताया कि उनको भी बीएड मार्कशीट नहीं मिली है। नौकरी के लिए जरूरत पड़ रही है। पांच साल से मार्कशीट के लिए चक्कर काट रहा हूं। आने-जाने में किराये में भी बहुत पैसा खर्च हो गया है।
मुख्य प्रानशासक डॉ मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि छात्रों की समस्या को देखते हुए सहायक कुलसचिव और उप कुलसचिव से मार्कशीट फॉटोकापी प्रमाणित करवाई, 315 छात्रों को प्रमाणित मार्कशीट फोटोकॉपी दी गई। भीड़ से बचने के लिए गेट पर ताला लगवाया था।