डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय परिसर के छात्रसंघ चुनाव की कड़ी में शनिवार को जेपी सभागार में आमसभा का आयोजन किया गया। इसमें अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों को विचार रखना था। लेकिन छात्र नेताओं ने माहौल बिगाड़ दिया। हंगामे के बीच उन्होंने कुलपति सहित अन्य अधिकारियों और शिक्षकों के साथ धक्का-मुक्की की।
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बता दें कि आगरा विवि के जेपी सभागार में दोपहर डेढ़ बजे से आमसभा का समय निर्धारित था। दीक्षांत समारोह की बैठक के चलते यह आधे घंटे देरी से शुरू हुई। एबीवीपी, एनएसयूआई, समाजवादी छात्रसभा और निर्दलीय पैनल के प्रत्याशियों के साथ समर्थक और छात्र नेता नारेबाजी करते हुए सभागार में पहुंचे।
प्रत्याशियों को कंधे पर उठाकर देर तक नारेबाजी करते रहे। छात्र संगठनों के कई ऐसे पदाधिकारी भी कार्यक्रम का हिस्सा बने, जो वर्तमान में विश्वविद्यालय के छात्र नहीं है। जिनको विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया है। एनएसयूआई के समर्थन में डीयू के छात्रसंघ अध्यक्ष रॉकी तुशीर भी पहुंचे थे।
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छात्र संघ चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
शक्ति प्रदर्शन के चक्कर में कार्यक्रम की रूपरेखा बिगड़ गई। सभी एक साथ नारे लगा रहे थे। अधिकारियों और शिक्षकों के लगातार शांत कराने के बाद भी छात्र नेता शांत नहीं हुए। इसी बीच निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष गौरव शर्मा के नेतृत्व में निर्दलीय पैनल ने हंगामा शुरू कर दिया।
इन्होंने बाहरी छात्रों के कार्यक्रम में शामिल होने पर आपत्ति की। परिचय पत्र दिखाने वालों को ही कार्यक्रम में शामिल कराने की मांग करने लगे। हंगामे के बीच एबीवीपी के प्रत्याशी अभिषेक कुमार मिश्र और समाजवादी छात्रसभा के प्रत्याशी नवदीप यादव ने 10-10 मिनट भाषण दिया।
एनएसयूआई के प्रत्याशी सतीश सिकरवार ने भी हंगामे और नारेबाजी के बीच बोलना शुरू किया। एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने बाकी छात्रों को शांत कराने की मांग की। इसी बीच छात्रों नेताओं में धक्का मुक्की शुरू हो गई। एनएसयूआई के कुछ नेताओं ने मंच पर चढ़ने की कोशिश की।
छात्र संघ चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
कुलपति डा. अरविंद कुमार दीक्षित, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डा. ब्रजेश रावत, मुख्य कुलानुशासक मनोज श्रीवास्तव, गणित विभाग के अध्यक्ष संजीव कुमार और अन्य शिक्षकों ने छात्रों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने धक्का-मुक्की शुरू कर दी। उनकी तरफ पंफलेट फेंके।
कार्यक्रम को रोक दिया गया। इस बीच पुलिस भी आ गई। अधिकतर छात्र नेता बाहर चले गए। दोबारा एनएसयूआई के प्रत्याशी और निर्दलीय पैनल के प्रत्याशी वरुण चौधरी को बोलने के लिए बुलाया गया, लेकिन कोई आया नहीं।
छात्र नेताओं का हंगामा बढ़ने के बाद कुलसचिव केएन सिंह ने धमकी दी कि उनका व्यवहार ऐसा रहा तो चुनाव निरस्त कर दिया जाएगा। इस सत्र में चुनाव नहीं कराया जाएगा। इसके बाद हंगामा कर रहे छात्र नेता बाहर निकले।
हालांकि कार्यक्रम के बाद कुलपति डा. अरविंद कुमार दीक्षित ने कहा कि छात्रों में नेतृत्व की क्षमता विकसित हो, इस उद्देश्य से आमसभा की पहल की गई थी। अगली बार से इस तरह का आयोजन होगा तो परिचय पत्र देखकर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। ये विद्यार्थी हैं गलती करते हैं, अगली बार सुधार कर लेंगे।