अनुनय जेपी एकेडमी के कक्षा 11 का छात्र था। छात्र की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। लोगों को घटना की जानकारी हुई तो बड़ी संख्या में लोग छात्र के घर पहुंच गए। स्कूल में अवकाश घोषित कर दिया गया। वहीं बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई न होने पर लोगों में गुस्सा देखा गया।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
शहर में बंदरों का आतंक है। अब तक कई घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ माह पूर्व नदरई गेट निवासी गल्ला व्यवसायी संजीव कुमार की भी बंदर की घुड़की से छत से गिरकर मौत हो गई थी। रविवार को अहरौली में बंदर के डर से बालक छत से गिर गया। दो साल पहले सूत की मंडी में छत से गिरकर एक युवक की मौत हुई थी।
नगरपालिका परिषद द्वारा बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया। इसके लिए मथुरा की संस्था के साथ अनुबंध किया गया, लेकिन अभियान सिर्फ औपचारिकता तक सिमट कर रह गया।