नगर पालिका परिसर में सफाई कर्मी चार दिनों से हड़ताल पर बैठे हैं, बृहस्पतिवार को पालिकाध्यक्ष मीरा गांधी, एडीएम आलोक कुमार और ईओ दीप कुमार वार्ष्णेय हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मियों से वार्ता करने सुबह ही पहुंच गए। सफाई कर्मियों से साढ़े पांच घंटे तक तक वार्ता चली लेकिन बेनतीजा रही।
एटा में नगर पालिकाध्यक्ष, एडीएम, ईओ और सफाई कर्मियों के बीच हड़ताल के चौथे दिन हंगामे के साथ साढ़े पांच घंटे तक चली वार्ता विफल हो गई। अधिकारियों और सफाई कर्मियों के बीच मांगों को लेकर कोई बात नहीं बन सकी। अब सफाई कर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान कर दिया है। साथ ही पालिका प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी और अधिकारियों पर कई आरोप लगाए। इसको लेकर पालिकाध्यक्ष, एडीएम और ईओ की चिंताएं बढ़ गईं हैं। शहर में गंदगी की ढेर चारों ओर दिखाई दे रहे हैं।
विज्ञापन
नगर पालिका परिसर में सफाई कर्मी चार दिनों से हड़ताल पर बैठे हैं, बृहस्पतिवार को पालिकाध्यक्ष मीरा गांधी, एडीएम आलोक कुमार और ईओ दीप कुमार वार्ष्णेय हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मियों से वार्ता करने सुबह ही पहुंच गए। सफाई कर्मियों से साढ़े पांच घंटे तक तक वार्ता चली लेकिन बेनतीजा रही। पहले पालिकाध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी ने सफाई कर्मचारियों को आश्वासन देकर हड़ताल खत्म करने का प्रयास किया। दोपहर करीब एक घंटे तक चली वार्ता के बाद भी सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त नहीं की। उसके बाद एडीएम आलोक कुमार भी वहां पर पहुंचे और साढ़े चार घंटे तक सफाई कर्मचारियों से बातचीत की लेकिन सफाई कर्मी अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे और बात नहीं बन सकी। सफाई कर्मचारी दिनेश पहलवान ने कहा कि जब तक हमारी मांगे तत्काल नहीं मानी जाएंगी तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
लगाए कई गंभीर आरोप
सफाई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पालिका में 170 स्थायी सफाई कर्मचारी है जिनका वेतन हर माह निकलता है लेकिन सेवाप्रदाता कर्मचारियों का वेतन पिछले पांच माह से नहीं दिया गया है। लेखाकार व ईओ पर यह भी आरोप लगाए गए कि सफाई कर्मचारियों का पीएफ, बोनस, एरियर देने में कमीशन लिया जाता है।
नगर पालिका ईओ डॉ. दीप वार्ष्णेय ने बताया कि नगर पालिका परिषद के सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर एक समझौता पत्र दिया जा रहा है जिसके तहत एक माह का वेतन और 30 जुलाई तक वर्दी देने का प्रावधान रखा है। शुक्रवार तक हड़ताल खत्म कर दी जाएगी।