गांव फरेंजी में भूख हड़ताल पर बैठे लोगोंकी जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम
- फोटो : MAINPURI
किशनी। ग्राम पंचायत फरैंजी में भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीणों की हालत बिगड़ने लगी है। सोमवार को जांच करने पहुंची चिकित्सकीय टीम ने सभी की जांच की। इसमें दो अनशनकारियों के स्वास्थ्य में गिरावट आई है। इस दौरान टीम ने उन्हें अनशन छोड़ने की सलाह दी है। हालांकि सोमवार को भी कोई भी अधिकारी ग्रामीणों से मिलने नहीं पहुंचा।
विकास खंड किशनी की ग्राम पंचायत फरैंजी में ग्राम प्रधान द्वारा किए गए फर्जीवाड़े को लेकर ग्रामीण बुधवार से भूख हड़ताल पर हैं। लगातार ग्रामीण प्रधान की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। छठवें दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से डॉ. शरद यादव के साथ टीम अनशन पर बैठे लोगों की जांच करने पहुंची।
जांच में पता चला कि रमन सिंह रनवीर शाक्य और दिनेश सविता की हालत में गिरावट आई है। टीम ने अनशन खत्म करने की सलाह दी, लेकिन ग्रामीणों ने साफ कहा कि बिना कार्रवाई के अनशन खत्म नहीं होगा। अन्य ग्रामीणों में भी प्रशासन के खिलाफ आक्रोश पनपने लगा है।
उनका कहना है कि छह दिन बाद भी कोई अधिकारी अनशन खत्म कराने या कार्रवाई करने के लिए नहीं आया। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। इस दौरान मोहम्मद साजिद, पुष्पेंद्र कुमार, बब्लू चौहान, विनीत अग्निहोत्री, राकेश शाक्य, बाजीलाल कठेरिया, सलीम खान, सचिन गुप्ता, इतवारी लाल, रवी कश्यप आदि मौजूद रहे।