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सख्ती : 3469 आशाओं की जांच, 199 को जारी किए गए नोटिस

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आगरा। स्वास्थ्य विभाग ने 3469 आशाओं की ओर से कराए गए प्रसव की जांच शुरू कर दी है। वहीं कमीशनखोरी में निजी अस्पतालों में प्रसव मामले में 199 आशाओं को नोटिस देकर जवाब मांगा है। प्रसूताओं के भी बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि बीते 10 दिसंबर को बाह स्थित अवैध न्यूलाइट अस्पताल में जैतपुर के क्यारी गांव की सुमन की प्रसव के दौरान मौत हो गई थी। यह झोलाछाप का अस्पताल था। अस्पताल सील करते हुए संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
टीम को अस्पताल में रजिस्टर मिला, जिसमें 60 आशाओं के नाम और फोन नंबर लिखे थे। कमीशनखोरी में निजी अस्पताल में प्रसव कराती थीं। इस पर जिले में तैनात सभी 3469 आशाओं के प्रसव कराने का रिकाॅर्ड जांचा जा रहा है। इसमें 2692 देहात और 777 शहर में तैनात हैं। अभी देहात में सेवारत 199 आशाओं की जांच में गर्भवती और प्रसव में भारी अंतर मिला है।
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गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण के बाद उनका टीकाकरण भी कराया, लेकिन इनमें से 20-30 फीसदी प्रसव ही सरकारी अस्पतालों में हुए, बाकी निजी अस्पतालों में हुए। इन प्रसूताओं के भी बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इनमें से कई ने आशा पर निजी अस्पताल में प्रसव कराने की बात कही है।

कमीशन की लालच में निजी अस्पताल पहुंचा रहीं प्रसूताएं

विकासखंड सैंया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैंया में 150 आशाएं कार्यरत हैं। स्वास्थ्य केंद्र पर गर्भवती महिलाओं को प्रसव कराने के लिए एंबुलेंस हैं। टीकाकरण को देखते हुए सीएचसी पर प्रसव कम पाए हैं। ऐसी 20 आशाएं चिह्नित की हैं। विभाग की शुरुआती जांच में 30 फीसदी कमीशन पर निजी अस्पतालों में प्रसव करा रहीं हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अतुल कुमार भारतीय ने बताया कि ऐसी 20 आशाएं चिह्नित की हैं। इनकी जांच की जा रही है। इसकी रिपोर्ट सीएमओ को भेज रहे हैं।
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