डीएपी और यूरिया खाद लेने को लाइन में खड़े किसान। संवाद
डीएपी और यूरिया किल्लत के बीच जिला प्रशासन ने बुधवार को प्रति हेक्टेयर किसानों के लिए खाद की जरूरत तय की है। किसान पांच बैग डीएपी और सात बैग यूरिया से अधिक नहीं रख सकेंगे। यदि तय मात्रा से अधिक डीएपी व यूरिया का भंडारण मिला तो कार्रवाई होगी।
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बुधवार को खाद वितरण की समीक्षा की। जिले में टॉप-20 डीएपी व यूरिया खरीदार और विक्रेताओं का ब्योरा तलब किया। इनकी जांच होगी। डीएम ने कहा कि असामाजिक तत्व अवैध रूप से यूरिया व डीएपी का भंडारण कर रहे हैं। कालाबाजारी रोकने के लिए शासन ने प्रति हेक्टेयर खाद की आवश्यकता तय की है। डीएम ने कहा जिले में खाद की कोई कमी नहीं। अधिक खाद का इस्तेमाल करने से खेत की मिट्टी और फसल दोनों पर दुष्प्रभाव पड़ता है।
सचिव चस्पा करेंगे बिक्री की सूचना
जिले में 100 से अधिक सहकारी समितियां हैं। जिनसे एक लाख से अधिक किसान जुड़े हुए हैं। एक-एक सचिव पर दो-दो, तीन-तीन समितियों का चार्ज है। ऐसे में कई समितियों पर खाद नहीं मिल रही। डीएम ने निर्देश दिए कि ऐसे सचिव जिनके पास एक अधिक समिति का चार्ज है वह खाद वितरण का समितिवार रोस्टर तैयार करेंगे। किस समिति पर कब खाद मिलेगी, इसकी पूर्व सूचना चस्पा करेंगे।