मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) डॉ. मुकेश अग्रवाल
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आगरा के मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) डॉ. मुकेश अग्रवाल ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि दो अप्रैल से पहले किसी भी स्कूल के खुले पाए जाने पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को स्कूल में बुलाए जाने पर नाराजगी भी जताई है। उन्हें तमाम शिकायतें मिल रही हैं।
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्कूल और कॉलेज को एहतियात के तौर पर दो अप्रैल तक बंद कर दिया गया है। परीक्षा और मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को भी स्थगित कर दिया गया है। कुछ स्कूल वाले इसके बाद भी मनमानी कर रहे हैं।
शिक्षकों और कर्मचारियों को यथावत स्कूलों में बुलाया जा रहा है। जेडी ने कहा कि किसी भी बोर्ड से संचालित विद्यालय के निर्धारित अवधि से पहले खुले जाने पर संबंधित प्रबंधक, निदेशक और प्रधानाचार्य के खिलाफ के कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कार्यालय में हाथ धुलवाने की व्यवस्था की जानी है
कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए जेडी ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को कार्यालय परिसर के अंदर और बाहर अभियान चलाने के लिए कहा है। कार्यालय भवन के बाहर प्रवेश द्वार पर पानी से भरी हुई बाल्टी या छोटी टंकी, जग और साबुन की व्यवस्था की जानी है।
एक कर्मचारी तैनात किया जाना है जो कार्यालय में प्रवेश से पहले लोगों के हाथ धुलवाए। सैनेटाइजर, मास्क और अन्य सुरक्षा प्रबंधों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
हम जागेंगे तभी औरों को जगाएंगे
कमला नगर स्थित सुमीत राहुल गोयल मेमोरियल स्कूल के प्राधानाचार्य रामानंद चौहान ने बताया कि शिक्षण संस्थानों की समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हम जागरूक होंगे तो औरों को जागरूक कर पाएंगे। मैंने स्कूल में विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों की भी छुट्टी कर दी है। इस तरह के उपायों से ही कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने से रोका जा सकता है।
दो बार स्कूल को सैनेटाइज कराया जा रहा
जीडी गोयंका स्कूल के प्रधानाचार्य पुनीत वशिष्ठ ने बताया कि सरकार के सुझाव के मुताबिक दिन में दो बार स्कूल को सैनेटाइज कराया जा रहा है। जिस दिन सीबीएसई की परीक्षाएं और मूल्यांकन स्थगित करने के आदेश जारी हुए, शिक्षकों को स्कूल न आने के लिए कहा गया। शिक्षक सुरक्षित रहेंगे तो ही विद्यार्थियों को सुरक्षित रख पाएंगे।