स्ट्रेचर पर लगा खून चाटता कुत्ता
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मरीजों और तीमारदारों पर हमले का खतरा
मिढ़ाकुर के वीरेंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल में दिखाने आया और बेंच पर बैठा था, इसके नीचे कुत्ता बैठा था। डर के कारण वहां से हटना पड़ा। ये काट भी जाते हैं, इनको भगाने की व्यवस्था होनी चाहिए। ईदगाह निवासी धर्मवती देवी ने कहा कि वार्ड में बच्चे भर्ती हैं और जानवर का क्या भरोसा, खाने-पीने का सामान देखकर यह काट भी सकते हैं। इनसे बचकर वार्ड में जाना पड़ता है।
टूंडला से आए सुल्तान सिंह ने कहा कि एसएन मेडिकल कॉलेज में में कुत्ते-बंदर बहुत हैं जो मरीज के लिए खतरा बने हुए हैं। पलंग के नीचे भी कुत्ते बैठे मिलते हैं। काटने का डर लगता है। बता दें कि सोमवार को शहर में सोमवार को 10 साल की मूकबधिर बच्ची पर कुत्तों ने हमला कर दिया था, जिससे मासूम की मौत हो गई थी।