घटना के बाद रेल ट्रैक पर अफसर व अन्य लोग
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में बरहन और मितावली रेलवे स्टेशन के दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर बृहस्पतिवार को आवारा पशुओं का झुंड सियालदाह-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस से टकरा गया। हादसे में 20 पशु कटने से मर गए। पशुओं के लोथड़े पूरे ट्रैक पर दूर तक बिखर गए।
इंजन और बोगियों के पहियों में लोथड़े फंसने से ट्रेन भी पलटने से बची। तेज झटकों के साथ ट्रेन कुछ दूर जाकर खड़ी हो गई। घटना से ट्रेन में अफरातफरी मच गई। करीब 40 मिनट खड़े रहने के बाद ट्रैक और पहियों की सफाई के बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया।
घटना के बाद रेलवे ट्रैक की अप लाइन के खंभा नंबर 1260/9 और 1260/23 के बीच करीब 700 मीटर के दायरे में कटे हुए पशुओं के लोथड़े पड़े थे। बरहन जंक्शन अधीक्षक भगत राम मीणा ने बताया कि घटना के बाद कारण रांची-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, कानपुर-नई दिल्ली शताब्दी और भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को भी रोकना पड़ा।
9.15 पर रवाना की गई ट्रेन
जेसीबी से गड्ढा खोदवाकर दफनाए गए मृत पशु
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डाउन लाइन पर भी शताब्दी एक्सप्रेस आकर खड़ी हो गई। वहीं दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन की पहियों में फंसे लोथड़ों को साफ करने और हौज पाइप जोड़ने के बाद ट्रेन को करीब 9:15 बजे रवाना किया गया। इसके बाद कुछ अंतराल पर अन्य ट्रेनों को भी रवाना किया गया।
वहीं घटनास्थल पर रेलवे के एईएन आकाश यादव, एसडीएम एत्मादपुर ज्योति राय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, तहसीलदार एत्मादपुर प्रीति जैन सर्किल की पुलिस फोर्स के साथ दिन में करीब 11 बजे पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने ट्रैक के दोनों तरफ पड़े पशुओं के शवों को डाउनलाइन की तरफ पहुंचा कर चार जेसीबी से गड्ढे खोदवा कर दफन कराया।
फेसिंग नहीं होने से होती रहती हैं ऐसी घटनाएं
दिल्ली-हावड़ा रेल लाइन तथा डेडीकेटेड फ्रेड कॉरीडोर की लाइन बगल-बगल है। रेलवे लाइन के डाउनलाइन की तरफ तो तार फेसिंग है। पर, डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की अप लाइन की तरफ तार फेसिंग नहीं होने से आवारा पशु ट्रैक पर पहुंच जाते हैं।
इससे बार-बार इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। लोगों में यह भी चर्चा थी कि किसानों द्वारा नगला गोल की ठहर की तरफ से रेलवे ट्रैक की तरफ पशुओं को खदेड़ा गया था। इसी से यह घटना हुई है।