युवाओं के लिए 12 जनवरी एक खास दिन है। युवा दिवस के रूप में इसे मनाया जा रहा है। युवा दिवस पर एक दिव्यांग युवा शूटर की कहानी देश के युवाओं को प्रेरणा देती है। एक बार जब सोनिया ने हाथ में पिस्टल थामी तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। यूथ आइकन का अवार्ड भी मुख्यमंत्री द्वारा दिव्यांग सोनिया शर्मा को दिए जाएगा।
आगरा के बल्केश्वर निवासी सोनिया शर्मा अपने दम पर मेहनत कर एक ऐसे मुकाम पर पहुंची हैं जो शहरवासियों को गौरवांवित महसूस कराता है। सोनिया ने साल 2017 में बैंकॉक में हुई पैरा शूटिंग वर्ल्ड कप चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
पूना में साल 2017 में हुई नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में भी उन्होंने सोने पर निशाना लगाया। वर्ष 2018 में दुबई में हुए पैरा शूटिंग वर्ल्ड कप में दस मीटर एयर पिस्टल में उनकी आठवीं रैंक प्राप्त की।
दिव्यांग शूटर सोनिया शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
शूटिंग में अंतरराष्ट्रीय मेडल जीतने वाली दिव्यांग शूटर सोनिया शर्मा बताती हैं कि उनके पिता ठाकुर दास का सपना था कि वे एक दिन शूटिंग में देश का नाम रोशन करें। पिता ने ही इसके लिए एक पिस्टल दिलाने की कवायद शुरू की। लेकिन कुछ समय बाद ही उनके पिता की मृत्यु हो गई।
सोनिया ने अपने पिता को असली श्रद्धांजलि देने का संकल्प लिया। हालांकि एक साल बाद उनको अपने कॅरियर की पहली पिस्टल मिल सकी। इसके बाद दिन-रात शूटिंग की। मेहनत करके सोनिया उस मुकाम पर पहुंची हैं जहां पहुंचना किसी भी शूटर के लिए सपना होता है।
देश के लिए मेडल लाने का सपना
सोनिया शर्मा के लिए बीता साल बहुत उतार चढ़ाव भरा रहा। चोटिल होने के कारण वर्ल्ड चैंपियनशिप से उन्हें बाहर होना पड़ा। लेकिन नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में उन्हें इस साल कांस्य पदक मिला।
शूटर सोनिया शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
सोनिया दोबारा कठिन परिश्रम कर अपनी जगह को और बेहतर बनाने के प्रयास में जुटी हैं। पैरा शूटिंग वर्ल्ड कप में मेडल लेकर पैरा ओलंपिक में कोटा तय करना उनका लक्ष्य है। उनकी ख्वाहिश है कि वे देश के लिए पैरा ओलंपिक में मेडल लेकर आएं।
पैरा ओलंपिक शूटर सोनिया का कहना है कि यूथ आइकन का अवॉर्ड सीएम द्वारा 12 जनवरी को लखनऊ में दिया जाएगा, इस बात से उत्साहित हूं। वहीं 2019 में उतार-चढ़ाव के बाद अब सपना है कि पैरा शूटिंग वर्ल्ड कप में मेडल लेकर आऊं।