विंग कमांडर अभिनंदन, पूर्व सैनिक सर्वजीत
पाकिस्तान में बंधक रहे अभिनंदन को शुक्रवार को उन्हें रिहा कर दिया गया। उनकी बहादुरी को सलाम करते हुए बाह के रुदमुली गांव के सर्वजीत का दर्द छलक पड़ा। क्योंकि सर्वजीत की कहानी भी अभिनंदन जैसी है। सर्वजीत भी चीन में बंदी थे।
विंग कमांडर अभिनंदन को करीब 56 घंटे बाद दबाव में आकर पाकिस्तान ने छोड़ दिया, लेकिन सर्वजीत चीन में 10 माह तक कैद रहे। उन्होंने बताया कि दुश्मन देश की सूचनाओं के लिए बंधक सैनिक को मौत सी यातनाएं दी जाती हैं पर वो सैनिक झुकते नहीं।
वर्ष 1962 में चीन के मोर्चे पर अपने चचेरे भाई रघुवीर सिंह के साथ बहादुरी से लडे़ बाह के रुदमुली गांव के सर्वजीत सिंह ल्हासा चीन में बंधक बना लिए गए थे। जबकि रघुवीर सिंह शहीद को गए थे। 10 माह बाद सर्वजीत सिंह मुक्त किया गया था।