आगरा के बिचपुरी क्षेत्र में तेज आंधी के कारण नहर में पेड़ गिरने से पानी खेतों में भर गया, जिससे टमाटर और भिंडी की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं। किसानों ने भारी नुकसान की शिकायत की है, जबकि सिंचाई विभाग ने जल्द नहर साफ कर जलप्रवाह सामान्य करने की बात कही है।
आगरा टर्मिनल नहर में बृहस्पतिवार रात आई तेज आंधी के बाद गांव लड़ामदा के पास कई पेड़ गिरने से जलप्रवाह बाधित हो गया। इससे नहर का पानी उफनकर आसपास के खेतों में भर गया और फसलें जलमग्न होकर बर्बाद हो गईं।
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किसान देशराज सिंह ने बताया कि तीन बीघा टमाटर की फसल में करीब 1.5 लाख रुपये की लागत लगी थी, जो पानी भरने से पूरी तरह बर्बाद हो गई। वहीं, डालचंद के अनुसार 2.5 बीघा टमाटर और दो बीघा भिंडी की फसल में करीब एक लाख रुपये खर्च हुए थे, लेकिन जलभराव से दोनों फसलें खराब हो गईं। इसके अलावा करीब 12 बीघा खाली खेत भी पानी से भर गए। शुक्रवार सुबह पांच बजे किसानों को इसकी जानकारी हुई।
उन्होंने बुलडोजर लगाकर पानी का बहाव रोकने की व्यवस्था की। इस दौरान पूर्व प्रधान कृपाल सिंह, रमन सिंह, प्यारेलाल, रामवीर, मोहन सिंह, निरंजन सिंह, तुलाराम समेत कई किसान मौजूद रहे। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार ने बताया है कि नहर में गिरे पेड़ों को हटवाकर जल्द जलप्रवाह सामान्य कराया जाएगा।
मकान पर गिरा नीम का पेड़
आंधी के दौरान गांव लड़ामदा में सुल्तान के घर पर नीम का पेड़ गिरने से मकान क्षतिग्रस्त हो गया। दीवारों में दरारें आ गईं, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई है।