आगरा में ड्राइविंग लाइसेंस का ऑनलाइन आवेदन 200 रुपये में... मेडिकल सर्टिफिकेट के 400 रुपये... जैसा काम बताओगे, वैसा ही दाम लगेगा...। इसी तरह खुलेआम रेट लिस्ट बता रहे हैं आरटीओ दफ्तर के ठीक सामने बगैर किसी डर के कुर्सी-मेज डालकर बैठे दलाल।
आरटीओ दफ्तर में जो फार्म चार रुपये का है, उसके दलाल 30 रुपये वसूल रहे हैं। अमर उजाला की टीम ने शुक्रवार को दो दलालों और डीएल के आवेदकों के बीच बातचीत की कैमरे से रिकार्डिंग की। दलाल कैसे करते हैं सौदेबाजी, पढ़िए स्टिंग के कुछ अंश...
'फार्म 150 रुपये का, 30 रुपये सरकार के, बाकी हमारे'
आवेदक : डीएल बनवाना है, कितना खर्च आ जाएगा इसमें ?
दलाल : पहले आवेदन कर दीजिए, यह जरूरी है।
आवेदक : आवेदन में कितना खर्च आ जाएगा?
दलाल : 450 रुपये लगेंगे, 300 रुपये सरकारी फीस है, 150 हमारी।
आवेदक : 150 रुपये किस चीज की फीस है, फार्म तो 30 रुपये का है।
दलाल : हां, रसीद 30 रुपये की ही देंगे, यही पैसा सरकारी खाते में जमा होगा। बाकी हमारी फीस है।
आवेदक: अगर मेडिकल सर्टिफिकेट भी बनवाना हो तो?
दलाल : मेडिकल नहीं, केवल आवेदन करने का इतना चार्ज है। मेडिकल के 400 रुपये अलग लगेंगे।
इसी बीच पास बैठे दूसरे दलाल के पास एक अन्य आवेदक आता है।
आवेदक: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का कितना लगेगा?
दलाल: 200 रुपये लगेंगे।
आवेदक: देख लो, यह तो बहुत ज्यादा हैं।
दलाल : तुम्हारे लिए 150 रुपये ले लेंगे।
आवेदक: इसमें क्या-क्या करोगे, लाइसेंस भी बनवाओगे।
दलाल: ये केवल आवेदन का है। जब डीएल बनेगा, तब अलग फीस लगेगी।
दफ्तर में फार्म नहीं, दलालों की चांदी
आरटीओ में अब ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन के लिए फार्म मिलना बंद हो गया है। यह फार्म चार रुपये का आता है। कार्यालय के सामने खुली दलालों की दुकानों पर आठ पेज के इस फार्म की कीमत 30 रुपये वसूली जा रही है। दफ्तर में फार्म नहीं है, इसलिए डीएल के आवेदकों के लिए दलालों के पास जाना मजबूरी हो गया है।
एआरटीओ ने यह कहा
सवाल: आपके दफ्तर के बाहर ऑनलाइन आवेदन के 20 रुपये की जगह 150 से 200 रुपये तक वसूले जा रहे हैं?
जवाब: कई बार मौखिक रूप से रजिस्ट्रेशन के लिए अधिक पैसा लेने की शिकायतें हमारे पास भी आईं। हमने लिखित में मांगा तो कोई देने को तैयार नहीं हुआ। लोग अपने कंप्यूटर से भी आवेदन कर सकते हैं।
सवाल: बाहर लोग कंप्यूटर लेकर बैठे हैं, जबकि उनके पास लाइसेंस नहीं है।
जवाब: बाहरी लोगों को हटाने के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा जा चुका है। ये लोग अनाधिकृत हैं।
सवाल: कार्यालय में लाइसेंस समेत अन्य फार्म नहीं मिल रहे हैं।
जवाब: यह फार्म मुख्यालय से ही आना बंद हो गए हैं। नेट पर सभी फार्म हैं, इन्हें डाउनलोड किया जा सकता है।
- अनिल कुमार सिंह, एआरटीओ (प्रशासन)