हाथरस में दंगा फैलाने की साजिश के आरोप में जेल में बंद पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) तथा सीएफआई (कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया) के सदस्यों से पूछताछ के लिए एसटीएफ को दो दिन का रिमांड मिल गया है। सीजेएम की अदालत ने एसटीएफ को 4 नवंबर शाम पांच बजे से 6 नवंबर शाम पांच बजे तक पूछताछ के लिए अनुमति दी है। अनुमति मिलने के बाद एसटीएफ ने सभी चारों अभियुक्तों को रिमांड पर ले लिया है। कुछ दिन पूर्व ही जनपद की क्राइम ब्रांच से इस मामले की जांच एसटीएफ को दी गई है बुधवार को एसटीएफ के सीईओ राकेश पालीवाल न्यायालय में पेश हुए थे।
बता दें कि विगत अक्तूबर को हाथरस जाते समय मांट टोल प्लाजा पर पीएफआई/सीएफआई के सदस्य अतीकुर्रहमान, मसूद, सिद्धीक और आलम को गिरफ्तार किया था। इन पर विदेशों से पैसा लेकर के देश में दंगे फैलाने की साजिश रचने का आरोप है।
इस संबंध में एसटीएफ जांच कर रही है। एसटीएफ ने दो नवंबर को सीजेएम की अदालत में न्यायिक अधिकारी अंजू राजपूत के समक्ष पीसीआर (पुलिस कस्टडी रिमांड) का प्रार्थना पत्र दिया था, जिस पर उन्होंने बुधवार सुबह सुनवाई की और शाम पांच बजे रिमांड की अनुमति दी। अदालत ने एसटीएफ को 4 नवंबर से लेकर 6 नवंबर शाम पांच बजे तक रिमांड दिया है। इस दौरान एसटीएफ चारों अभियुक्तों से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाने का प्रयास करेगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए एपीओ (सहायक अभियोजन अधिकारी) बृजमोहन ने बताया कि न्यायालय ने रिमांड की अनुमति दी है। 2 दिन का रिमांड न्यायालय ने स्वीकृत किया है।