प्रो. विनय पाठक
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध 201 कॉलेज एसटीएफ के रडार पर हैं। ये वे कॉलेज हैं, जिनको प्रभारी कुलपति रहे प्रो. विनय पाठक ने आंगनबाड़ी किट (प्रति किट 50 हजार रुपये) के बदले पाठ्यक्रम और संबद्धता स्थायी कर दी थी। एसटीएफ ने इन कॉलेजों का पूरा ब्योरा जुटा लिया है। अब इनके संचालकों से पूछताछ की जाएगी।
ये है मामला
विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति रहे प्रो. पाठक ने 201 कॉलेजों में सत्यापन और जांच कराए बिना ही पाठ्यक्रम और मान्यता स्थायी कर दी थी। जबकि इसके लिए समिति भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट तैयार करती है, इसके आधार पर ही स्थायी किया जाता है। इसके उलट शपथपत्र पर ही इनको पाठ्यक्रम और मान्यता स्थायी कर दी थी। इसके एवज में हर कॉलेज को चार-पांच आंगनबाड़ी किट के नाम पर कानपुर की स्पोर्ट्स कंपनी के खाते में धनराशि जमा कराई थी। अब इन कॉलेजों की जांच एसटीएफ कर रही है।
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एसटीएफ ने तैयार की सूची
एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि इन कॉलेजों की सूची तैयार की है, जिसमें कॉलेज का नाम, पता, संचालक का नाम, कब मान्यता मिली, कौन-कौन से पाठ्यक्रम संचालित हैं। स्थायी के क्या नियम हैं और इनको किस आधार पर स्थायी मान्यता दी। इन तमाम बिंदुओं पर जांच की जाएगी। इसके लिए कॉलेज संचालकों को चरणबद्ध बुलाकर बयान दर्ज किए जाएंगे।