आगरा। नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। आगरा जिले के 18 अति संवेदनशील और 45 संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर एसटीएफ तैनात रहेगी। नकल माफिया का नेटवर्क तोड़ने को जैमर लगाए जाएंगे। मंडल स्तर पर 10 सचल दल गठित किए गए हैं, इनमेें से 5 जिले स्तर पर निगरानी रखेंगे।
शुक्रवार को मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश अग्रवाल ने मंडल व जिले के सचल दल प्रभारियों की बैठक ली। जिसमें सचल दलों को उनकी कार्यशैली के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि औचक निरीक्षण कर प्रतिदिन समयबद्ध निरीक्षण आख्या कंट्रोल रूम में दी जाए। परीक्षा अवधि में बिना अनुमति के सचल दल के सदस्य मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रभारी अधिकारी का मोबाइल स्विच ऑफ नहीं रहेगा। बैठक में सभी सचल दलों को केंद्र निरीक्षण की आख्या भरने का प्रशिक्षण भी दिया गया। जेडी ने कहा कि बालिकाओं की चेकिंग सिर्फ महिला सदस्य करेंगी।
उन्होंने सचल दलों को निर्देशित किया कि निरीक्षण के दाैरान उत्तर पुस्तिकाओं का मिलान कर देखा जाए समान उत्तरों पर विशेष नजर रखें। परीक्षा कक्ष में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फोटोग्राफी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। जरूरत पड़ने पर बाह्य फोटोग्राफी का उल्लेख आख्या में होगा। स्ट्रांग रूम में केवल चार अलमारियां रहेंगी, बैठक व्यवस्था नहीं होगी। इस दाैरान चाबी रखरखाव के फ्लो चार्ट पर प्रशिक्षण दिया गया। सचल दलों की समीक्षा बैठक में संकलन व उपसंकलन केंद्रों की जानकारी साझा की गई और सीसीटीवी संचालन को लेकर भी निर्देश दिए गए। बता दें कि जिले में 154 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 18 अतिसंवेदनशील और 45 संवेदनशील हैं। 172 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तथा तहसील स्तर पर छह जोनल मजिस्ट्रेट निगरानी करेंगे।