उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. बबीता सिंह चौहान ने घरेलू हिंसा के मामलों पर चिंता जताई और अभिभावकों से अपील की कि वे बेटियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। प्रताड़ना की स्थिति में सामाजिक दबाव में उन्हें दोबारा ससुराल न भेजें।
आगरा में नवीन सर्किट हाउस में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. बबीता सिंह चौहान ने महिला जन सुनवाई की। इसके साथ ही महिलाओं के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं की संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा की। जनसुनवाई में कुल 44 शिकायतें आईं। इनमें सबसे ज्यादा मामले घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, गुजारा भत्ता और पेंशन से जुड़े थे।
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अध्यक्ष ने संबंधित विभागों को शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों को पीड़ित महिलाओं की शिकायतों पर संवेदनशीलता से सुनवाई कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा। अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा कि लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर एक सप्ताह के भीतर आयोग को आख्या भेजें। उन्होंने विभिन्न मामलों में संबंधित थानाध्यक्षों से दूरभाष पर वार्ता कर त्वरित और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने घरेलू हिंसा के मामलों पर चिंता जताई और अभिभावकों से अपील की कि वे बेटियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और प्रताड़ना की स्थिति में सामाजिक दबाव में उन्हें दोबारा ससुराल न भेजें। उन्होंने युवक-युवतियों और उनके परिजनों की काउंसिलिंग पर जोर देते हुए कहा कि पारिवारिक सामंजस्य के लिए आपसी संवाद बहुत जरूरी है।
कौशल विकास से स्वरोजगार पर जोर
अध्यक्ष चौहान ने बैठक में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं का प्रभावी प्रचार-प्रसार करने को कहा ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार के प्रशिक्षण से जोड़ा जा सके। इस दौरान एसडीएम नरेंद्र गंगवार, एसीपी सुनीता चौहान, डिप्टी सीएमओ डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति, जिला कौशल प्रबंधक अमित धाकरे, सहायक श्रमायुक्त शगुन सहित व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।